राज्यसभा: मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा आमने-सामने, एलपीजी के मुद्दे पर हंगामा

Lpg Cylinder Crisis : मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में एलपीजी सप्लाई का मुद्दा उठाया, तो जेपी नड्डा ने उसका जोरदार जवाब दिया. इस बीच थोड़ा हंगामा सदन में हुआ. नीचे पढ़ें दोनों नेताओं ने सदन में क्या कहा.

Lpg Cylinder Crisis : कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में एलपीजी सप्लाई के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (ईरान और यूएस-इजरायल के बीच जंग) में चल रहे तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. खरगे ने कहा कि इसका असर मिडिल क्लास, रेस्टोरेंट, हॉस्टल और कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वालों पर पड़ रहा है. ऐसे हालात में एलपीजी की उपलब्धता और कीमत दोनों ही गंभीर मुद्दा बन गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री ने दावा किया था कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं और सरकार के दावे सही नहीं लग रहे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है और एक सिलेंडर 5,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है.

बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने खरगे के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही हैं. यह दुख की बात है कि मुश्किल समय में भी विपक्ष, खासकर कांग्रेस राजनीति करने से बाज नहीं आ रही. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट भारत की वजह से नहीं है.

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जब लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री ने इस मुद्दे पर साफ-साफ स्थिति बता दी थी, तब विपक्ष के सदस्य उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे. अब वही लोग इस मुद्दे को यहां उठाकर हंगामा कर रहे हैं.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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