महुआ मोइत्रा ने किसके साथ शेयर किया था लॉगइन आईडी और पासवर्ड ? जानें खास इंटरव्यू में क्या कहा

लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने आगे निशिकांत दुबे पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने धमकाने के लिए गलत व्यक्ति को चुना है. खास इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने किया आपे विरोधियों पर हमला

टीएमसी की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की खबरें इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है. इस बीच मोइत्रा ने इंडिया टुडे को इंटरव्यू दिया है. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि मैने अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी को दिया था क्योंकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि कौन लॉगिन कर सकता है और कौन नहीं… कैश फॉर क्वेरी विवाद के तूल पकड़ने के बाद महुआ मोइत्रा ने स्वीकार किया कि उन्होंने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के साथ लोकसभा वेबसाइट का लॉगइन आईडी और पासवर्ड साझा किया था. ऐसा इसलिए ताकि वह उनकी तरफ से सवाल कर सकें. महुआ मोइत्रा ने बातचीत के दौरान कहा कि लॉगिन और पासवर्ड उनकी टीम के पास रहता था. उन्होंने कहा कि क्योंकि मैं हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र में बिजी रहती हूं. इन सवालों को टाइप करने के बाद मेरे मोबाइल पर एक ओटीपी आता था. जब मेरे पास ओटीपी आता था तो मैं यह उन्हें देती थी, इसके बाद ही सवाल सबमिट होता था. मोइत्रा ने वकील जय अनंत देहाद्राई और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को एक बार फिर खारिज कर दिया है.


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झारखंड के कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं

महुआ मोइत्रा ने आगे निशिकांत दुबे पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने धमकाने के लिए गलत व्यक्ति को चुना है. जहां तक मैं आज पहुंचीं हूं और आज जहां बैठी हूं…वहां तक पहुंचने के लिए मैंने अपने जीवन का बहुत कुछ त्याग दिया है और झारखंड के कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं. वे मुझे पूर्व के व्यक्तिगत संबंध को लेकर परेशान कर रहे है. इससे मेरा अंत नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि मेरा संघर्ष जारी रहेगा. आप देखेंगे कि 2024 में क्या होता है.

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मैंने स्विट्जरलैंड से लॉग इन किया है

महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह आरोप हास्यास्पद है कि दर्शन हीरानंदानी ने दुबई से लॉग इन किया जो सुरक्षा से समझौता है. एनआईसी लॉगिन में कोई नियम नहीं है कि कौन लॉगिन कर सकता है और कौन नहीं…प्रत्येक सांसद के प्रश्न उनकी बड़ी टीमों को दिए जाते हैं. आप कह रहे हैं कि मैंने इसे एक विदेशी संस्था को देने का काम किया है, तो बता दूं कि दर्शन हीरानंदानी मेरे दोस्त हैं और वे एक भारतीय नागरिक हैं. उनका पासपोर्ट सार्वजनिक कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं स्विट्जरलैंड से लॉग इन किया है. जब मैं छुट्टियों पर वहां थी तो मेरी बहन की बेटी ने भी कैम्ब्रिज से लॉग इन किया था और जब मैंने उसे बताया कि मेरे पास एक समय सीमा है तो उसने मेरे प्रश्न टाइप किए. टीएमसी सांसद मोईत्रा ने कहा कि एनआईसी का प्रश्न-उत्तर पोर्टल इतना सुरक्षित है, तो आप आईपी पते को इसमें प्रवेश करने से क्यों नहीं रोकते?

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एथिक्स कमेटी के समक्ष पेश होंगी महुआ मोइत्रा

यहां चर्चा कर दें कि कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को संसद की एथिक्स कमेटी ने 31 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन भेजा है. इस बीच एथिक्स कमेटी के सामने पेश होने के लिए महुआ मोइत्रा ने समय मांगा है. वह 4 नवंबर को पेश होंगी. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी है.


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जानें क्या हैं आरोप?

उल्लेखनीय है कि झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर आरोप लगाए थे कि वह पैसे और गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछने का काम करतीं हैं. दुबे की ओर से यह आरोप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखी चिट्ठी में लगाए गये थे. उन्होंने उक्त दावा एडवोकेट जय अनंत देहाद्रई की रिसर्च के हवाले से किया. दुबे की शिकायत पर बिरला ने इस मामले को लोकसभा की एथिक्स कमेटी के पास भेजने का काम किया था. निशिकांत दुबे ने कहा था कि मोइत्रा ने ऐसे सवाल पूछकर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के हितों की रक्षा कर आपराधिक साजिश रची है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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