महाराष्ट्र के ठाणे में बड़ा हादसा, पुल निर्माण के वक्त गर्डर लॉन्चिंग मशीन गिरने से 16 की मौत

पुल तैयार करने में मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी दौरान 100 फीट की ऊंचाई से गर्डर मशीन गिरी और हादसा हो गया. हादसा शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुआ जिसमें 16 लोगों की जान चली गयी.

महाराष्ट्र के ठाणे से बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार शाहपुर के पास एक गर्डर लॉन्चिंग मशीन गिरने से 16 की मौत हो गयी है. हादसे में तीन लोग घायल हो गये हैं जिन्हें इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल ले जाया गया है. शाहपुर पुलिस ने बताया कि समृद्धि एक्सप्रेस हाईवे के तीसरे चरण का निर्माण चल रहा है. पुल तैयार करने में मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी दौरान 100 फीट की ऊंचाई से गर्डर मशीन गिरी और हादसा हो गया.

शाहपुर पुलिस ने बताया कि ठाणे के शाहपुर के पास एक गर्डर लॉन्चिंग मशीन गिरने से 16 लोगों की मृत्यु हो गयी और 3 लोग घायल हो गये. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जतायी जा रही है. घटना स्थल पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मौके पर SP और रेस्क्यू टीम लगी हुई है. हादसे में घायल तीन लोगों को शाहपुर तालुका के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया गया कि सोमवार देर रात में पुल का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी हादसा हो गया और 16 लोगों की जान चली गयी.

हादसा शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुआ

बताया जा रहा है कि गर्डर मशीन को जोड़ने वाली क्रेन और स्लैब 100 फीट से नीचे गिर जाने की वजह से हादसा हुआ. शाहपुर उपजिला अस्पताल में शव लाये जा रहे हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. एक अधिकारी ने बताया कि हादसा मंगलवार तड़के शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुआ.

तीन से पांच लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे निर्माण के तीसरे चरण के दौरान एक क्रेन के मंगलवार को पुल के एक स्लैब (पट्टी) पर गिर जाने से 16 श्रमिकों की मौत हुई है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने कहा कि तीन से पांच लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. हादसे में शामिल क्रेन एक विशेष प्रयोजन वाली ‘मोबाइल गैन्ट्री क्रेन’ थी जिसका उपयोग पुल निर्माण और राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं में पूर्वनिर्मित डिब्बानुमा पुल की डाट (गर्डर्स) लगाने के लिए किया जाता था.

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समृद्धि महामार्ग को ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ के नाम से जाना जाता है

अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना मंगलवार तड़के मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुई. समृद्धि महामार्ग को ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ के नाम से जाना जाता है. यह मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है. यह नागपुर, वाशिम, वर्धा, अहमदनगर, बुलढाणा, औरंगाबाद, अमरावती, जालना, नासिक और ठाणे सहित 10 जिलों से होकर गुजरता है. समृद्धि महामार्ग के निर्माण का कार्य महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम कर रहा है.

पहले चरण का उद्घाटन पीएम मोदी ने दिसंबर 2022 में किया था

नागपुर को शिरडी से जोड़ने वाले इसके पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2022 में किया था. पहला चरण के तहत 520 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 26 मई को इगतपुरी तालुका के भारवीर गांव से शिरडी तक समृद्धि महामार्ग के 80 किलोमीटर लंबे दूसरे चरण का उद्घाटन किया था. शिंदे ने मई में कहा था कि तीसरा और आखिरी चरण इस साल दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा.

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छह महीने में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 88 लोगों की मौत

एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पिछले छह महीने में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 88 लोगों की मौत हो गयी है, जिनमें से 25 लोगों की मौत पिछले महीने एक निजी बस के डिवाइडर से टकराने के कारण उसमें आग लगने से हुई. राज्य राजमार्ग पुलिस के अधिकारी ने बताया कि छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं का एक कारण सड़क सम्मोहन (रोड हिप्नोसिस) बताया जाता है. सड़क सम्मोहन एक ऐसी स्थिति होती है जब वाहन चालक की आंखें तो खुली होती हैं, लेकिन उसका दिमाग क्रियाशील नहीं रहता. इस स्थिति में चालक को यह याद नहीं रहता कि उस विशेष अवधि में क्या हुआ.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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