महाराष्ट्र खाई दुर्घटना: मां ने घुटनों पर बैठकर लगाई गुहार, फिर भी नहीं माना कुणाल; खत्म हुआ पूरा परिवार, नया Video आया सामने

छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव में कुणाल चांदवड़े को बचाने की कोशिशों का नया वीडियो सामने आया है. मां ने घुटनों के बल बैठकर बेटे से वापस आने की गुहार लगाई, लेकिन कुणाल नहीं माना. हादसे में कुणाल, उसके पिता और मां की मौत हो गई.

Maharashtra Hill Tragedy: छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव में हुई दर्दनाक घटना से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है. इसमें 18 वर्षीय कुणाल चांदवड़े को सुरक्षित वापस लाने के लिए उसकी मां और आसपास मौजूद लोग लगातार समझाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में एक समय कुणाल की मां घुटनों के बल बैठकर उसकी ओर झुकती दिखाई देती हैं और उसे वापस आने के लिए मनाने की कोशिश करती हैं. इसके बावजूद स्थिति नहीं संभली और आखिरकार कुणाल, उसके पिता और उसकी मां की जान चली गई.

करीब तीन घंटे तक बेटे को समझाती रही मां

घटना शुक्रवार की है. कुणाल सुबह करीब 10 बजे खवड्या डोंगर पहुंचा था. वह पहाड़ी के किनारे के पास ही रुका रहा. उसके माता-पिता, ग्रामीणों, पुलिसकर्मियों और फायर ब्रिगेड के जवानों ने उसे सुरक्षित स्थान पर लौटने के लिए काफी देर तक समझाने की कोशिश की. करीब तीन घंटे तक यह कोशिश चलती रही. खड़ी चट्टान के नीचे फायर ब्रिगेड की टीम ने सुरक्षा के लिए नेट भी लगाया था.

इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं. अब तीन मिनट का एक नया वीडिया सामने आया, जिसमें कुणाल की मां पहाड़ी के निचले हिस्से में उसके नजदीक खड़ी होकर लगातार उससे बात करती नजर आती हैं. कुणाल भी उनकी बातों का जवाब देता है. आसपास मौजूद दूसरे लोग भी उसे किनारे से पीछे हटने के लिए समझाते रहते हैं. वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी मौके पर दिखाई देता है.

हेलमेट की ओर इशारा कर मां ने की बात

बातचीत के दौरान कुणाल की मां एक जगह बैठ जाती हैं और जमीन पर पड़े हेलमेट की तरफ इशारा करती हैं. कुणाल भी उसी हेलमेट की ओर इशारा करते हुए अपनी मां से बातचीत करता दिखाई देता है. वहां मौजूद कई लोग नजर आते हैं, जो कुणाल से बात कर रहे हैं और उसे पीछे आने के लिए कह रहे हैं. मां लगातार बेटे को समझाती रहती हैं.

मां घुटनों के बल बैठकर बेटे से करती दिखीं गुहार

वीडियो का सबसे भावुक हिस्सा तब सामने आता है, जब कुणाल की मां घुटनों के बल बैठकर उसकी ओर झुकती हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि वह बेटे से पीछे हटने और सुरक्षित जगह आने की गुहार कर रही हैं. आसपास खड़े लोग उन्हें उठने के लिए कहते हैं और खुद भी कुणाल को समझाने का प्रयास जारी रखते हैं.

कुछ लोग कुणाल की तरफ आगे बढ़ते हैं, लेकिन जब वह किनारे की ओर और आगे जाता है तो वे पीछे हट जाते हैं. इस दौरान उसकी मां उसे पुकारती हुई दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश करती हैं, लेकिन वहां मौजूद लोग उन्हें पीछे खींच लेते हैं.

देखें वीडियो-

पिता ने भी बेटे को बचाने की कोशिश की

घटना के दौरान कुणाल के पिता मुरलीधर भी मौके पर पहुंच चुके थे. जब वह कुणाल को बचाने के लिए उसकी तरफ बढ़े, तब स्थिति बेहद गंभीर हो गई. कुणाल ने आखिरकार छलांग लगा दी और उसे बचाने की कोशिश कर रहे उसके पिता भी उसके साथ नीचे गिर गए. इस हादसे में कुणाल और उसके पिता मुरलीधर दोनों की मौत हो गई. बच्चे और पति को खाई में गिरता देख मां ने भी छलांग लगा दी और कुछ देर बाद कुणाल की मां संगीता की भी मौत हो गई.

ये भी पढ़ें:- ओडिशा: बाढ़ में 5 दिन पेड़ से लटके रहे सुंनंदा, कैसे बची जान? समझें शरीर का ‘सर्वाइवल मोड’

सरपंच ने भी iPhone देने की बात कही थी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुणाल अपने माता-पिता से iPhone खरीदने को लेकर नाराज और परेशान था. बताया गया कि उसके माता-पिता ने उसे iPhone खरीदकर देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वह खवड्या डोंगर पहुंच गया. उसे समझाने की कोशिश करने वालों में तिसगांव के सरपंच संजय जाधव भी शामिल थे.

जाधव ने बाद में बताया कि उन्होंने कुणाल से बार-बार कहा कि वह अपनी मां के बारे में सोचे और ऐसा कदम न उठाए. उसे बातचीत में व्यस्त रखने की कोशिश भी की गई. जाधव ने कुणाल से यहां तक कहा कि वह उसे iPhone देने के लिए तैयार हैं, ताकि उसका ध्यान दूसरी तरफ लगाया जा सके और उसे सुरक्षित जगह वापस लाया जा सके.

फायर ब्रिगेड ने नीचे लगाया था सुरक्षा नेट

कुणाल के लंबे समय तक पहाड़ी के किनारे रहने के दौरान प्रशासन और बचाव दल भी लगातार सक्रिय रहे. फायर ब्रिगेड की टीम ने खड़ी चट्टान के नीचे सुरक्षा नेट लगाया था, ताकि किसी भी तरह से उसकी जान बचाई जा सके. पुलिस और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे और अलग-अलग तरीके से उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे. इसके बावजूद करीब तीन घंटे तक चले प्रयासों के बाद भी उसे सुरक्षित वापस नहीं लाया जा सका.

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

घटना के बाद पुलिस ने मुश्किल और दुर्गम इलाके से तीनों शवों को बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस अब मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर रही है. जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा और तीनों की मौत की परिस्थितियां क्या थीं.

ये भी पढ़ें:- रेलवे की चादर ओढ़े 3 लोग वायरल, 4 साल में 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम गायब होने का दावा


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >