Maharashtra Civic Polls : मोहन भागवत ने ‘नोटा’ क्यों नहीं दबाने को कहा?
Maharashtra Civic Polls : वोट डालने के बाद मोहन भागवत ने कहा कि ‘नोटा’ का बटन दबाने से डायरेक्ट ऐसे उम्मीदवारों को फायदा मिल जाता है, जिन्हें लोग नहीं चाहते. वोट न करने या नोटा चुनने से बेहतर है कि सोच-समझकर सही उम्मीदवार को वोट दिया जाए.
Maharashtra Civic Polls : ‘नोटा’ दबाने से सही उम्मीदवार को फायदा नहीं मिलता, बल्कि इससे गलत उम्मीदवारों को ही फायदा पहुंच सकता है. यह बात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कही. वे नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए मतदान करने पहुंचे थे. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है. इसलिए मतदान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है. उन्होंने अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी लोग चुनाव के दौरान एक योग्य उम्मीदवार को ही वोट दें.
सोच-समझकर किसी एक उम्मीदवार को वोट दें
नोटा ऑप्शन पर भागवत ने कहा कि इसका मतलब होता है सभी उम्मीदवारों को नकार देना. लेकिन ऐसा करने से डॉयरेक्ट ऐसे व्यक्ति को फायदा मिल जाता है, जिसे लोग पसंद नहीं करते. उन्होंने कहा कि नोटा लोगों को अपनी नाराजगी जताने का मौका देता है. लेकिन किसी को भी वोट न देने से बेहतर है कि सोच-समझकर किसी एक उम्मीदवार को वोट दिया जाए.
लोकतंत्र में सरकार जनता के जनादेश से बनती है : भैयाजी जोशी
आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह और केंद्रीय समिति के सदस्य भैयाजी जोशी भी सुबह जल्दी वोट डालने वालों में शामिल थे. उन्होंने मतदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के जनादेश से बनती है, जो चुनाव के जरिए सामने आता है. उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान नागरिक अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं. जोशी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने मताधिकार का जरूर इस्तेमाल करना चाहिए. लोकतंत्र में यह उम्मीद की जाती है कि जो सरकार चुनी जाए, वह जनता की उम्मीदों और जरूरतों पर खरी उतरे.
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पिछले नागपुर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने कुल 151 सीटों में से 108 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को 28, बसपा को 10, अखंड शिवसेना को 2 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 1 सीट मिली थी. अब राज्य के 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान जारी है.
