महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा पर कानूनी शिकंजा, उम्र विवाद को लेकर केरल से एमपी तक जांच तेज

अंतरधार्मिक विवाह के बाद विवादों में घिरे महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा का कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, इसलिए वे पिछले तीन महीनों से लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं. वहीं, मध्य प्रदेश पुलिस और NCST युवती की उम्र, शादी के दस्तावेजों और मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे हैं.

Monalisa Controversy : महाकुंभ गर्ल से फिल्म की हिरोइन तक का सफर तय करने वाली मोनालिसा और उसके अंतरधार्मिक विवाह को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दावा है कि उन्हें जान का खतरा है, और पिछले तीन महीनों से दोनों लगातार एक शहर से दूसरे शहर में ठिकाना बदलने को मजबूर हैं. वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश पुलिस और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच ने इस मामले को और जटिल बना दिया है.

डर के मारे तीन महीने से लगातार बदल रहे ठिकाने

मामले को लेकर दंपती द्वारा केरल हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. हालांकि, हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा संबंधी अपना अंतरिम आदेश वापस ले लिया क्योंकि अदालत को पुलिस ने बताया कि वह दंपती का पता लगाने में सफल नहीं हो सकी. दोनों के ठिकाने को लेकर मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा कि दोनों अब किसी एक स्थान पर नहीं रह रहे हैं. दोनों का मोबाइल फोन भी ऑफ है. क्योंकि उन्हें आशंका है कि उनकी लोकेशन का पता लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है.

दंपती का दावा है कि केरल में कुछ कट्टरपंथी हिंदुत्व संगठनों ने भी उनका विरोध किया है. जिस कारण से वो लगातार अपनी पहचान और ठिकाना छिपाकर रह रहे हैं. हाईकोर्ट में दायर याचिका में यह भी आरोप है कि युवती को फोन पर धमकी दी गई थी. याचिका के अनुसार, कॉल करने वाले ने कहा कि महाकुंभ के दौरान वह स्टार बन गई, लेकिन उसने एक पाकिस्तानी से शादी कर ली है. और उसे गोली मारने की धमकी दी.

शादी के लिए फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल

दूसरी ओर मध्य प्रदेश पुलिस मोनालिसा के पति को अपने साथ ले जाने के लिए केरल में डेरा डाले हुए है. मोनालिसा के पति को POCSO मामले में मिली अंतरिम जमानत इस महीने की शुरुआत में समाप्त हो चुकी है. मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. पुलिस का दावा है कि उनके द्वारा विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificate) हासिल करने के लिए कथित तौर पर गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था.

एनसीएसटी की जांच में क्या सामने आया?

दरअसल, पूरे मामले का सबसे अहम मुद्दा युवती की उम्र को लेकर है. युवती ने अदालत में जन्म प्रमाणपत्र पेश करते हुए अपनी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 बताई है, जिसके आधार पर वह बालिग होने का दावा कर रही है. जबकि, उसके पिता का कहना है कि यह जन्म प्रमाणपत्र गलत है. उन्होंने संबंधित तहसीलदार को आवेदन देकर अस्पताल के रिकॉर्ड के आधार पर संशोधित जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में अस्पताल के रिकॉर्ड में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज पाई गई है. यदि यह रिकॉर्ड सही माना जाता है, तो 11 मार्च को विवाह के समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष 2 महीने 12 दिन थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए उस मंदिर का भी दौरा किया था, जहां शादी हुई थी. आयोग ने आधार कार्ड, वयस्क होने संबंधी शपथपत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया. रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने मामले में पति के खिलाफ अपहरण, धोखाधड़ी से विवाह, दुष्कर्म, POCSO अधिनियम की धाराएं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है.

पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का मामला

इससे पहले मोनालिसा के पिता ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर उससे शादी की गई. हालांकि, युवती लगातार यह कहती रही है कि उसने अपनी इच्छा से विवाह किया है और वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. बताया जा रहा है कि विवाह की इच्छा जताने के बाद दोनों ने तिरुवनंतपुरम के एक पुलिस थाने में शरण ली थी. युवती द्वारा पिता के साथ लौटने से इनकार करने के बाद स्थानीय फिल्म जगत से जुड़े कुछ लोगों ने विवाह कराने में उनकी मदद की.

मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है. जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक होने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जाएंगी. फिलहाल इस पूरे मामले में युवती की वास्तविक उम्र, विवाह के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की वैधता तथा लगाए गए आपराधिक आरोपों की जांच जारी है


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By Gautam Kumar

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