Mahakal Corridor: कुछ ऐसा है महाकाल कॉरिडोर, एक घंटे में एक लाख श्रद्धालु कर पायेंगे दर्शन

महाकाल कॉरिडोर की लंबाई 900 मीटर से अधिक है. पुरानी रुद्र सागर झील के चारों और फैला हुआ है. उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के आसपास के क्षेत्र के पुनर्विकास की परियोजना के तहत रुद्र सागर झील को पुनर्जीवित किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्री महाकाल लोक गलियारे का उद्घाटन करेंगे. पहले चरण का काम पूरा हो चुका है. अब श्रद्धालु उज्जैन के महाकाल को नये और भव्य रूप में दर्शन कर पायेंगे. आइये इसकी खासियत के बारे में जानें.

900 मीटर से अधिक लंबा महाकाल कॉरिडोर

महाकाल कॉरिडोर की लंबाई 900 मीटर से अधिक है. पुरानी रुद्र सागर झील के चारों और फैला हुआ है. उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के आसपास के क्षेत्र के पुनर्विकास की परियोजना के तहत रुद्र सागर झील को पुनर्जीवित किया गया है.

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कॉरिडोर में बनाये गये दो भव्य प्रवेश द्वार

देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. गलियारे के लिए दो भव्य प्रवेश द्वार-नंदी द्वार और पिनाकी द्वार बनाए गए हैं. यह गलियारा मंदिर के प्रवेश द्वार तक जाता है तथा रास्ते में मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं. यह गलियारा मंदिर के प्रवेश द्वार तक जाता है तथा मार्ग का मनोरम दृश्य पेश करता है.

महाकाल कॉरिडोर में बनाये गये 108 स्तंभ

महाकाल कॉरिडोर में 108 स्तंभ बनाये गये हैं. जो 900 मीटर से अधिक का ये पूरा महाकाल मंदिर इन स्तंभों पर टिका होगा. पहले चरण में महाकाल लोक को 316 करोड़ रुपये में विकसित किया गया है.

50 से अधिक भित्ति-चित्र बढ़ाएंगे ‘महाकाल लोक’ की शोभा

दो भव्य प्रवेश द्वार, बलुआ पत्थरों से बने जटिल नक्काशीदार 108 अलंकृत स्तंभों की एक आलीशान स्तम्भावली, फव्वारों और शिव पुराण की कहानियों को दर्शाने वाले 50 से अधिक भित्ति-चित्रों की एक शृंखला ‘महाकाल लोक’ की शोभा बढ़ाएंगे. गलियारे के लिए दो भव्य प्रवेश द्वार-नंदी द्वार और पिनाकी द्वार बनाए गए हैं.

सुविधा केंद्र में रह सकेंगे चार हजार श्रद्धालु

महाकाल कॉरिडोर में सुविधा केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है. जिसमें एक साथ चार हजार श्रद्धालु रह सकेंगे. सुविधा केंद्र को 23.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है. जिसमें 6000 मोबाइल लॉकर बनाया गया है. इसके अलावा एक क्लास रूम भी होगा, जिसमें श्रद्धालु अपना सामान रख पायेंगे.

एक घंटे 1 लाख श्रद्धालु कर पायेंगे महाकाल का दर्शन

महाकाल कॉरिडोर को कुछ इस तरह तैयार किया गया है, जिसमें एक लाख श्रद्धालु आसानी से एक घंटे में भगवान का दर्शन कर पायेंगे.

QR कोड से जाने पायेंगे भगवान के बारे में

महाकाल कॉरिडोर में भगवान शिव से जुड़ी कथाओं के बारे में जानने का मौका मिलेगा. कॉरिडोर में भगवान शिव की कई मुर्तियां लगायी गयी हैं, जिनके बारे में QR कोड के माध्यम से जानकारी ले पायेंगे.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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