नयी दिल्ली : देशभर में जारी लॉकडाउन को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्यों को सख्त हिदायत दी है कहा, लॉकडाउन के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करें . केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से आग्रह है आपदा प्रबंधन 2005 के तहत मिलने वाले अधिकारों का इस्तेमाल करें और सख्ती से लॉकडाउन का पालन करें.
यह देखा गया कि कुछ राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों ने यह माना है कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने नरमी बरती है. इस दौरान कई चीजों की इजाजत दी गयी जो सख्ती का पालन करते हुए नहीं दी जानी चाहिए.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) जारी किया और राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें. मंत्रालय ने कहा कि छोटी दुकानों, बड़े संगठित खुद्रा बिक्री केंद्र और ई-कॉमर्स कंपनियों की सेवाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए .
दो पन्नों के एसओपी में गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला ने कहा कि लोगों के लिए आवश्यक वस्तुएं छोटी दुकानों, बड़े संगठित खुद्रा बिक्री केंद्रों और ई-कॉमर्स कंपनियों से उपलब्ध है. एसओपी में कहा गया है कि इन तीन प्रकार के परिचालकों का निर्बाध कार्य सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि उनकी आपूर्ति करने वाले घटकों को भी काम करने दिया जाए.
इन घटकों में आवश्यक वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता जिनमें घर तक खाना पहुंचाने वाले रेस्तरां, ऐसे सामान का भंडारण करने वाले केंद्र जैसे गोदाम शामिल हैं. एसओपी में कहा गया कि आवश्यक सामान को निर्माण स्थल से थोक या फुटकर विक्रेता तक पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्टरों, चालकों, लोडर आदि की आवाजाही की अनुमति दी जानी चाहिए. एसओपी के मुताबिक दवा, चिकित्सा उपकरण सहित आवश्यक वस्तुओं का यह परिवहन एक ही राज्य में एक शहर से दूसरे शहर, शहर के ही भीतर या एक राज्य से दूसरे राज्य तक हो सकता है
