26 जनवरी हिंसा मामले में LG ने अरविंद के फैसले को पलटा, तो केजरीवाल ने कहा, 'करवा दी ना दिल्ली की बेइज्जती'

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त किया है. उन्होंने जो ट्वीट किया है, उससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है, मानो वे कह रहे हैं, 'करवा दी ना दिल्ली की बेइज्जती'.

नई दिल्ली : केंद्र सरकार की ओर से संसद में पेश तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और 26 जनवरी को लाल किला कैंपस में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वकीलों का एक पैनल गठित किया था, जिसे दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने खारिज कर दिया. इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त किया है. उन्होंने जो ट्वीट किया है, उससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है, मानो वे कह रहे हैं, ‘करवा दी ना दिल्ली की बेइज्जती’.

वकीलों के पैनल को उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से खारिज किए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कैबिनेट निर्णयों को इस तरह पलटना दिल्ली वालों का अपमान है. दिल्ली के लोगों ने एतिहासिक बहुमत से ‘आप’ सरकार बनाई और भाजपा को हराया. भाजपा देश चलाए, ‘आप’ को दिल्ली चलाने दे. आए दिन हर काम में इस तरह की दखल दिल्ली के लोगों का अपमान है. भाजपा जनतंत्र का सम्मान करें.’

उधर, इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली के अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से चुने गए वकीलों के पैनल को खारिज करके उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली पुलिस की टीम को मंजूरी दी है.

बता दें कि सोमवार को अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट ने फैसला लिया था कि दिल्ली सरकार की ओर से चुने गए वकील दिल्ली पुलिस के सरकारी वकील होंगे. यह केस 26 जनवरी को हुई हिंसा से संबंधित है. उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के फैसले को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस के पैनल को मंजूरी दी है.

Also Read: दिल्ली के एलजी और केजरीवाल सरकार के बीच फिर तनातनी, मनीष सिसौदिया के आरोपों को अनिल बैजल ने बेबुनियाद बताया

Posted by : Vishwat Sen

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