राजस्थान के स्कूलों में बच्चों के भोजन पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट के वकील बोले- ऐसा खाना कैदियों को भी नहीं दिया जाता

सुप्रीम कोर्ट के वकील अशोक अग्रवाल ने राजस्थान के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि भोजन की न तो क्वालिटी ठीक है और न ही पोषण, जो जेल के कैदियों को भी नहीं मिलता.

राजस्थान के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को रोज दाल और रोटी दिए जाने की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील अशोक अग्रवाल ने गंभीर सवाल उठाए हैं. वायरल वीडियो के मुताबित, उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की न तो क्वालिटी है और न ही पोषण. उन्होंने कहा कि इस तरह खाना जेल के कैदियों को भी नहीं दिया जाता.

सरकार पर लगाए आरोप

अशोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब बच्चों को जरूरतमंद नागरिकों की तरह नहीं, बल्कि भिखारी समझती है. उन्होंने कहा कि सरकार सवाल तो करती है, लेकिन जवाब देने से बचती है. उन्होंने व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की.

कर्मचारियों की सैलरी का मुद्दा

अशोक अग्रवाल कहा कि 16 अगस्त हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी नहीं आई है. साथ ही उन्होंने चार लेबर कोड का जिक्र करते हुए कहा कि कानून पास होने के बावजूद उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है.

सरकार को बताया फेल

अशोक अग्रवाल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार प्राइमरी स्कूल के बच्चों को एक वक्त का ढंग का खाना भी नहीं दे सकती, तो उसके कामकाज पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने सरकार को पूरी तरह फेल बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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