PM Narendra Modi At The Global Ayurveda Festival प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्लोबल आयुर्वेद फेस्टिवल के चौथे संस्करण कार्यक्रम में अपना संबोधन दिया. पीएम मोदी ने कहा कि आयुर्वेद पूरे शरीर को सुरक्षित रखता है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा हुआ है और इसकी व्याख्या पवित्र ह्यूमन साइंस के तौर पर की जा सकती है.
ग्लोबल आयुर्वेद फेस्टिवल में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आयुर्वेद को साक्ष्य आधारित चिकित्सा विज्ञान के साथ एकीकृत करने के लिए सहमति बढ़ रही है. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया यह देख रही है कि किस तरह से आधुनिक, पारंपरिक दोनों ही तरह की दवाएं इस जगत के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि लोग यह महसूस करने लगे हैं कि आयुर्वेद शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किस तरह से लाभकारी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के संदर्भ में वर्तमान स्थिति आयुर्वेद के लिए सही समय है, जब पारंपरिक दवाएं विश्व स्तर पर और भी लोकप्रिय हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव में 25 देशों का हिस्सा लेना बहुत बड़ा संकेत, जो चिकित्सा के पारंपरिक रूप आयुर्वेद में बढ़ती रुचि को दर्शाता है.
उल्लेखनीय है कि 12 से 19 मार्च तक चलने वाले ग्लोबल आयुर्वेद फेस्टिवल में देश और दुनिया के नामी गिरामी आयुर्वेदाचार्य शामिल हो रहे हैं. आयुर्वेद और चिकित्सा के पारंपरिक रूपों को आगे बढ़ाने के लिए यह महोत्सव एक सराहनीय प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर पीएम मोदी खुद बहुत जोर देते हैं.
कोरोना महामारी में इस पद्धति के बारे में उन्होंने बताया कि किस तरह से शरीर पर हानिकारक प्रभाव डाले बिना यह हमारे लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है. भारत इस पद्धति के जरिए ना केवल व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ सकता है, बल्कि मेडिकल क्षेत्र में देश अपने पुराने गौरव को हासिल भी कर सकता है. वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव (GAF) डिजिटल हो रहा है, आयुर्वेद समुदाय के लिए यह दुनिया का सबसे बड़ा त्योहार माना जा रहा है.
Also Read: UP Panchayat Chunav 2021: योगी सरकार को झटका, हाई कोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर लगायी रोकUpload By Samir Kumar
