Maldives Row: लक्षद्वीप में पर्यटकों की संख्या में इजाफा, मालदीव को लगा झटका

हालिया विवाद के बाद मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों का मानना है कि निश्चित रूप से लक्षद्वीप और अंडमान जैसे भारतीय द्वीपों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. एएनआई से बात करते हुए पर्यटकों ने बताया, मालदीव के साथ विवाद के बाद पहले की तुलना में अधिक पर्यटक आकर्षित हुए.

मालदीव विवाद के बाद लक्षद्वीप में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने लगा है. दूसरी ओर मालदीव को लगातार भारतीय पर्यटकों के बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल मालदीव के निलंबित मंत्रियों ने भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.

लक्षद्वीप और अंडमान में बढ़ रहे पर्यटकों की संख्या

हालिया विवाद के बाद मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों का मानना है कि निश्चित रूप से लक्षद्वीप और अंडमान जैसे भारतीय द्वीपों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. एएनआई से बात करते हुए पर्यटकों ने बताया, मालदीव के साथ विवाद के बाद पहले की तुलना में अधिक पर्यटक आकर्षित हुए.

पीएम मोदी दे रहे भारतीय पर्यटन को बढ़ावा: भारतीय पर्यटक

एक भारतीय पर्यटक ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार भारतीय पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं. उनके लक्षद्वीप दौरे के बाद वहां के बारे में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है. मुंबई के कुणाल सोमैया ने कहा, ऐसा नहीं है कि लक्षद्वीप पहले नहीं था. लोग इसके बारे में जानते थे. लेकिन प्रधानमंत्री का वहां जाना और प्रचार करना बहुत सकारात्मक रहा.


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मालदीव के टूरिज्म और अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा. भारतीयों ने इस हैसटैग के साथ सोशल मीडिया यूजर्स लगातार भारतीय टूरिज्म को आगे बढ़ाने और मालदीव के बहिष्कार की बात कर रहे हैं. जिससे पड़ोसी देश के टूरिज्म और अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडराने लगा है. दरअसल मालदीव की अर्थव्यवस्था उसके टूरिज्म पर निर्भर है. विदेशी मुद्रा और सरकारी राजस्व का बड़ा सोर्स टूरिज्म को माना जाता है. इसको ऐसे समझा जा सकता है कि मालदीव की जीडीपी का चौथाई हिस्सा टूरिज्म से आता है. करीब 70 फीसदी रोजगार पर्यटन से ही जुड़ा है. वैसे में अगर टूरिज्म में गिरावट आती है, तो पड़ोसी देश को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाले तीन मंत्रियों को मालदीव सरकार ने किया सस्पेंड

भारत में मालदीव के उच्चायुक्त को सोमवार को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया और मालदीव के कई मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई. मालदीव सरकार ने मोदी के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए रविवार को तीन उप मंत्रियों को निलंबित कर दिया है. मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों की भारत में आलोचना हुई है और कई मशहूर हस्तियों ने ‘एक्स’ पर लोगों से मालदीव जाने के बजाय घरेलू पर्यटन स्थलों के बारे में जानने का आग्रह किया है.

पर्यटकों के लिए चीन की गोद में बैठा मालदीव

भारत से विवाद के बाद मालदीव में लगातार पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है. वैसे में उसकी अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडराने लगा है. संकट को देखते हुए वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने चीन से कहा है कि वो अधिक से अधिक संख्या में अपने पर्यटकों के लिए मालदीव भेजें. मुइज्जू की बात करें तो उन्हें चीन का समर्थक माना जाता है.

क्या है मामला

मुइज्जू सरकार के तीन उपमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट की, जिसके बाद रविवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया. भारत द्वारा माले के समक्ष इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बाद मालदीव सरकार ने रविवार को युवा मंत्रालय में उप मंत्रियों मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद को निलंबित कर दिया. तीनों उपमंत्रियों ने मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा के बाद ‘एक्स’ पर मोदी की पोस्ट के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की थीं. मोदी की लक्षद्वीप यात्रा से अनुमान लगाया गया कि यह केंद्र शासित प्रदेश को मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने का एक प्रयास है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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