लाडकी बहिन योजना: 68 लाख महिलाओं के खाते में नहीं आएंगे 1500 रुपये, जानें क्यों बंद हो गए खाते

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना के तहत लगभग 68 लाख खाते बंद कर दिए गए. जिससे सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है.

Ladki Bahin Yojana: खाते इस वजह से बंद कर दिए गए, क्योंकि लाभार्थियों ने समय सीमा से पहले ई-केवाईसी नहीं कराया. अधिकारियों ने बताया, कुल 2.43 करोड़ खातों में से लगभग 68 लाख खाते निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने के कारण बंद कर दिए गए हैं.

ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाई गई

ई-केवाईसी (ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन) पूरा करने की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है. पहले इसके लिए 31 मार्च की समय सीमा तय की गई थी.

लाडकी बहिन योजना है क्या?

लाडकी बहिन योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार जरूरतमंद महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1500 रुपये हर महीने जमा करती है.

कैसे करें e-KYC

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in पर जाना है.
फिर अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड से Login करें.
डैशबोर्ड पर Update KYC’ या Applied Applications के विकल्प पर क्लिक करें.
अपना आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड भरें.
Send OTP पर क्लिक करें. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा.
ओटीपी दर्ज करें और Submit बटन दबाएं. मैसेज आने पर आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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