Labour Force: श्रम पोर्टल पर पंजीकरण में महिलाएं हैं आगे

मौजूदा समय में 3 मार्च 2025 तक 30.68 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से आधे से अधिक संख्या महिलाओं की है. इस पोर्टल पर पंजीकृत कुल संख्या में से 53.68 फीसदी महिलाएं है.

Labour Force: असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल शुरू किया गया. ताकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मुहैया करायी जा सके. मौजूदा समय में 3 मार्च 2025 तक 30.68 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से आधे से अधिक संख्या महिलाओं की है. इस पोर्टल पर पंजीकृत कुल संख्या में से 53.68 फीसदी महिलाएं है. 

असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान करने के लिए ई-श्रम को वन-स्टॉप-सॉल्यूशन के रूप में विकसित करने के लिए केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2024 को ई-श्रम पोर्टल लांच किया था. ई-श्रम पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच बनाने और ई-श्रम के माध्यम से अब तक उनके द्वारा प्राप्त लाभों को जानने का मौका मिलता है. 

पहले से ही 13 योजनाएं ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत

 विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों की 13 योजनाओं को पहले ही ई-श्रम के साथ एकीकृत किया जा चुका है, जिनमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (एनएफबीएस), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) और प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएसवाई), प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना (पीएम-केएमवाई) शामिल है.

कई भाषाओं में हैं उपलब्ध


ई-श्रम पोर्टल की पहुंच बढ़ाने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 7 जनवरी, 2025 को भाषिणी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ई-श्रम पोर्टल पर बहुभाषी बनाने का काम किया. अब यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम और संबंधित सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 24 फरवरी 2025 को ई-श्रम मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया. यह एप्लिकेशन ई-श्रम के साथ एकीकृत कल्याणकारी योजनाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करती है. इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित करता है.


 रोजगार और कौशल अवसर प्रदान करने के लिए ई-श्रम को राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) और स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है. पेंशन योजना के तहत नामांकन की सुविधा के लिए ई-श्रम को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) के साथ एकीकृत करने, सरकारी योजनाओं की एक ही स्थान पर जानकारी प्राप्त करने के लिए ई-श्रम को माईस्कीम पोर्टल के साथ जोड़ा गया है. 

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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