शिंदे पर कुणाल कामरा की टिप्पणी से महाराष्ट्र में सियासी पारा गर्म, उद्धव और आदित्य ठाकरे ने ये क्या कह दिया?

Kunal Kamra Controversy: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंद पर स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के तंज से सियासी पारा चढ़ चुका है. शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने शिंदे पर जमकर हमला बोला है.

Kunal Kamra Controversy: स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के बचाव में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे उतर चुके हैं. दोनों ने कहा- कुणाल कामरा ने कोई भी गलत काम नहीं किया है. उद्धव ठाकरे ने कहा, “कामरा ने कुछ भी गलत नहीं किया है… इन गद्दारों को सोलापुरकर और कोरटकर दिखाई नहीं देते, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया.” ठाकरे ने यह भी मांग की कि सरकार कामरा के शो के आयोजन स्थल पर शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिये मुआवजा दे.

आदित्य ठाकरे ने कहा- दुनिया जानती है देशद्रोही और चोर कौन है

शिवसेना-यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, “कल मैंने कुणाल कामरा का क्लिप देखा, विरोध प्रदर्शन के बाद, तोड़फोड़ के बाद. सवाल उठता है कि एकनाथ शिंदे के कार्यकर्ताओं ने कब तय कर लिया कि वह देशद्रोही और चोर हैं? क्योंकि उसने किसी का नाम नहीं लिया है, वह किसी के बारे में बात कर रहा होगा. मिर्ची क्यों लगी? शिंदे ने एक-दो फिल्में बनाई, जिसमें कई सारी झुठी बातें दिखाईं, वो चल जाता है और अगर कोई उनके खिलाफ बोले, तो क्या वो आसमान से टपके हैं. शिंदे की गुंडागर्दी जो महाराष्ट्र में चल रही है, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रोक लगाएंगे की नहीं? पूरा देश, पूरी दुनिया जानती है कि कौन देशद्रोही और चोर है.” आदित्य ठाकरे ने कहा, “कई बार कुणाल कामरा ने हमारे बारे में, इतने लोगों के बारे में, मोदी साहब के बारे में भी बात की है, लेकिन किसी ने इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई की जाएगी, क्या कल तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई की जाएगी? सीएम को अपनी आंखें खोलनी चाहिए और देखना चाहिए कि उन्हें कौन कम आंक रहा है. क्या यह विपक्ष है या उनके दोस्त?”

कामरा ने शिंदे का अपमान किया, कार्रवाई से बच नहीं सकते : फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “संविधान कहता है कि जब आप दूसरों की स्वतंत्रता पर हमला करते हैं, तो आपकी खुद की स्वतंत्रता बाधित होती है. कामरा राहुल गांधी की संविधान की प्रति दिखाकर अपने कृत्य को उचित नहीं ठहरा सकते और कार्रवाई से बच नहीं सकते.” विधानसभा में कामरा की कथित अपमानजनक टिप्पणी का मुद्दा उठने के बाद फडणवीस ने सदन में दोहराया कि स्टैंड-अप कॉमेडियन ने शिंदे का अपमान किया है. उन्होंने कहा, “हमें राजनीतिक व्यंग्य पर कोई आपत्ति नहीं है. हम इसे पसंद करते हैं और इसकी सराहना करते हैं. लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान करना और संस्थाओं को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे कृत्यों का समर्थन करने वाले ‘अर्बन नक्सलियों’ और ‘वामपंथी उदारवादियों’ को सबक सिखाया जाएगा.” फडणवीस ने कहा कि ” अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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