Mumbai Rain : मुंबई शहर का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क काफी हद तक प्रभावित हुआ है. सोमवार सुबह तक मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे और मुंबई-कोंकण रूट पर या तो आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी या कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए थे. इसके चलते शहरों के बीच यात्रा लगभग ठप हो गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर टनल-2 के पास भूस्खलन
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. टनल-2 के पास भूस्खलन होने से दो महीने पहले शुरू हुए 13 किलोमीटर लंबे 'मिसिंग लिंक' बायपास के पुणे से मुंबई जाने वाले रूट पर ट्रैफिक को दूसरे रास्ते से भेजना पड़ा, जिससे लंबा जाम लग गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, जिस जगह भूस्खलन हुआ वहां पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई थी. करीब 100 टन मलबा सड़क पर आ गिरा. राहत और सफाई का काम पूरा होने के बाद शाम तक 'मिसिंग लिंक' मार्ग को फिर से गाड़ियों के लिए खोल दिया गया.
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर जलभराव
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर जलभराव के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई. सड़क से पानी निकालने का काम जारी है, लेकिन ट्रैफिक अब भी बेहद धीमी गति से चल रहा है. वहीं, कोंकण मार्ग पर नागोठाणे के पास भारी जलभराव के कारण यात्री 24 घंटे से ज्यादा समय से फंसे हुए हैं. हालात में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है.
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पुणे-मुंबई के बीच ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं
भूस्खलन के बाद ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल सेक्शन पर मलबा रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिससे पुणे-मुंबई के बीच ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं. वहीं, गुजरात से आने वाली कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोक दिया गया, जिससे यात्री घंटों तक डिब्बों में फंसे रहे. पश्चिम रेलवे की 20 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें मुंबई और दक्षिण गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में फंसी हुई हैं. भारी बारिश के कारण 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं. इनमें कम से कम 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. आठ के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कई ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा है.
मुंबई और पुणे में बारिश का ज्यादा असर
मुंबई और पुणे क्षेत्र में पिछले 3-4 दिनों में बारिश से जुड़े हादसों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है. पुणे के मावल में भूस्खलन से एक घर दबने पर दो लोगों की जान गई, जबकि खेड में एक व्यक्ति बाढ़ के पानी में बह गया. ठाणे में पेड़ गिरने से एक दमकलकर्मी घायल हुआ और होर्डिंग व दीवारें ढह गईं. वहीं, पालघर में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से कई टिन शेड उड़ गए और पेड़ उखड़ गए. सोमवार सुबह 9 बजे तक महज दो घंटे में पालघर के कुछ इलाकों में करीब 300 मिमी बारिश दर्ज की गई.
