आज फिर एक बार आंदोलनकारी किसान और सरकार (kisan andolan) बातचीत होनी है. यह आठवें दौर की वार्ता है जो दोपहर 2 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी. इसी बीच किसानों के मामले को लेकर कांग्रेस (congress) नेता शशि थरूर का बयान भी आया है. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर एक वीडियो शेयर किया है.
नये साल की बात करते हुए थरूर किसानों के मुद्दे पर बात करते वीडियो में नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों लोगों ने नये साल का स्वागत किया लेकिन किसानों के लिए ये नया साल नहीं है. पिछले 42 दिनों से किसान दिल्ली के बार्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. अबतक 60 किसानों की जान प्रदर्शन के दौरान जा चुकी है.
Also Read: Kisan Andolan: सरकार और किसान संगठनों के बीच आज 8वें दौर की बैठक, जानिये कहां फंस रहा है पेंच ?
आगे थरूर ने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में हजारों किसान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं. सात दौर की बातचीत किसानों और सरकार के बीच हो चुकी है जिसका कोई रिजल्ट नहीं निकला. सात दौर की बातचीत फेल होने का मतलब है कि सरकार ने कानून बनाने के पहले ना ही किसानों से और ना ही जानकारों की राय ली.
उन्होंने कहा कि पहले तो सरकार ने किसानों को इग्नोर किया. उन्हें पाकिस्तानी और खालिस्तानी बता दिया. अंत में सरकार बातचीत के लिए राजी हुई. सरकार को चाहिए कि वे किसानों की मांग पर गौर करें और तीनों किसान विरोधी कानून को वापस ले. यदि किसानों के लिए कानून बनाना ही है तो सरकार किसानों की बात सुनकर उन्हें भरोसे में लेकर कानून बनाने का काम करे.
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. वे देश का पेट भरते हैं. उनकी बात सुननी चाहिए. सरकार को किसानों की मांग माननी चाहिए. सरकार किसानों की मांग मानें…किसानों का प्रदर्शन खत्म हो…तभी सही मायने में नये साल उनके जीवन में आएगा जिसका वे आनंद ले पाएंगे.
Posted By : Amitabh Kumar
