Kisan Andolan News : नये कृषि कानूनों पर किसानों और केन्द्र सरकार के बीच नौवे दौर के बातचीत में कोई नहीं निकलने के बाद अब पूरे देश की निगाहे 19 जनवरी को होने वाली बैठक पर है. राजधानी दिल्ली में कड़ाके की सर्दी में किसानों का आंदोलन पिछले 52 दिनों से जारी है. वहीं इस पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने रविवार को कहा कि सरकार पर जमकर हमला बोला है.
हन्नान मोल्लाह ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि लगभग दो महीनों से हम प्रदर्शन कर रहे हैं और हम ठंड से कई किसानों की मौत भी हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार हमें तारीख पे तारीख ’दे रही है और चीजों को खींच रही है ताकि हम थक जाएँ और जगह छोड़ दें. यह उनकी साजिश है.
किसान यूनियन के सुप्रीम कोर्ट में निष्पक्ष लोगों की कमेटी गठित करने की याचिका पर हन्नान मोल्लाह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने तो ऐसी बात सोची भी नहीं, न चर्चा की. हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं है. वहीं हरियाणा किसान संघर्ष समिति मंदीप नथवान ने कहा कि पूरी दुनिया की नज़र 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है. सरकार के इशारे पर, कुछ लोग इस आंदोलन को हिंसक रूप देना चाहते हैं। यह आंदोलन सरकार की नीतियों के खिलाफ है, न कि दिल्ली के खिलाफ.
मंदीप नथवान यह कहा जा रहा है कि किसान लाल किले और ट्रैक्टरों पर तिरंगा फहराएंगे और टैंक (26 जनवरी को) एक साथ चलेंगे. मोर्चा द्वारा इस तरह के किसी कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. ऐसे बयान किसानों के हित में नहीं हैं.
