खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ISI एजेंट, हिंसा फैलाने के लिए लाया गया था भारत !

खालिस्तानी समर्थक और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को भारत में हिंसा फैलाने के लिए लाया गया था. बताया जा रहा है कि गैर निवासी भारतीय है, तो दुबई में ट्रक चालक रूप में काम करता था.

खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है. पंजाब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए सर्च अभियान चला रही है. जगह-जगह पर वाहन चेकिंग की जा रही है. पुलिस ने उसके घर को पूरी तरह से घेर लिया है. इस बीच जानकारी मिल रही है कि अमृतपाल सिंह का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट है. उसके संबंध विदेशों में स्थित आतंकवादी समूहों के साथ भी हैं.

भारत में हिंसा फैलाने के लिए भारत लाया गया था अमृतपाल सिंह

अधिकारियों ने बताया, खालिस्तानी समर्थक और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को भारत में हिंसा फैलाने के लिए लाया गया था. बताया जा रहा है कि गैर निवासी भारतीय है, तो दुबई में ट्रक चालक रूप में काम करता था. अधिकारी ने बताया, वह एक आईएसआई एजेंट है जो संयुक्त अरब अमीरात में रहने के दौरान पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी के संपर्क में आया था. उसे धर्म के नाम पर भोले-भाले युवा सिखों को प्रेरित करने के लिए कहा गया था.

अमृतपाल सिंह का सलाहकार दलजीत सिंह कलसी गिरफ्तार

केंद्रीय एजेंसी के सूत्र ने बताया, वारिस पंजाब डे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के कथित सलाहकार और फाइनेंसर दलजीत सिंह कलसी उर्फ ​​सरबजीत सिंह कलसी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

खालिस्तान समर्थकों पर बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 78 लोगों को किया गिरफ्तार

पंजाब सरकार ने कट्टरपंथी और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह तथा उसके समर्थकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने वारिस पंजाब दे संगठन के 78 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

अमृतपाल सिंह को पिछले साल ‘वारिस पंजाब दे’ का बनाया गया था प्रमुख

दुबई में रह चुके अमृतपाल सिंह को पिछले साल ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख बनाया गया था, जिसकी स्थापना अभिनेता और कार्यकर्ता दीप सिद्धू ने की थी. दीप सिद्धू की पिछले साल फरवरी में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी.

अमृतपाल सिंह पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमृतपाल सिंह और कुछ अन्य फरार हैं तथा उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है. अभियान के लिए अमृतपाल सिंह के पैतृक गांव अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव के पास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया है या नहीं. तरसेम ने कहा कि उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग किया, जो उनके घर आई थी और तलाशी अभियान चलाया था. उन्होंने पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताया और कहा कि उनका बेटा युवाओं को नशीले पदार्थों की लत से छुटकारा दिलाने का काम कर रहा है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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