खालिस्तान टाइगर फोर्स चीफ निज्जर की हत्या से बौखलाया पन्नू, भारत के खिलाफ उगला जहर, कह दी बड़ी बात

निज्जर (45) भारत में अति वांछित आतंकवादियों में शामिल था जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पंजाब के जालंधर में गांव भर सिंह पुरा के मूल निवासी निज्जर का 1995 में कनाडा में प्रवास के बाद से खालिस्तान उग्रवाद के साथ लंबा संबंध रहा. पिछले चार साल से वह इस गुरद्वारे का प्रमुख था.

खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की पिछले दिनों कनाडा में एक गुरद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गयी. इधर निज्जर की हत्या से सिख फॉर जस्टिस का सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू बौखला गया है. उसने भारत के खिलाफ जहर उगला है और धमकी भी दे दिया है.

पन्नू ने गोली का जवाब बम से देने की धमकी दी

अमेरिका में रह रहे फॉर जस्टिस का सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू ने धमकी देते हुए कहा कि वह गोली का जवाब बम से देगा. उसने निज्जर की हत्या के बाद एक वीडियो जारी किया. जिसमें उसने कहा, गोली का जवाब बम से दिया जाएगा.

निज्जर पर था 10 लाख रुपये का इनाम

निज्जर (45) भारत में अति वांछित आतंकवादियों में शामिल था जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पंजाब के जालंधर में गांव भर सिंह पुरा के मूल निवासी निज्जर का 1995 में कनाडा में प्रवास के बाद से खालिस्तान उग्रवाद के साथ लंबा संबंध रहा. पिछले चार साल से वह इस गुरद्वारे का प्रमुख था. ऐसी अटकलें थीं कि पंजाब में आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए यहां से वित्त पोषण किया जा रहा था. निज्जर को जुलाई 2020 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भारत द्वारा ‘आतंकवादी’ घोषित किया गया था और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सितंबर 2020 में देश में उसकी संपत्ति कुर्क की थी. उसके खिलाफ 2016 में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. सरे की स्थानीय पुलिस ने भी निज्जर को 2018 में आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के संदेह में कुछ समय के लिए नजरबंद कर दिया था लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया था.

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कैसे हुई निज्जर की हत्या

गौरतलब है कि दो अज्ञात बंदूकधारियों ने निज्जर (45) पर तब गोलियां चलाईं, जब वह पश्चिम कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में सरे स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारा की पार्किंग से सोमवार को भारतीय समयानुसार सुबह छह बजे (कनाडा समयानुसार 18 जून, रविवार रात साढ़े आठ बजे) अपने वाहन से निकलने की तैयारी कर रहा था. पुलिस अधिकारियों ने चिकित्सकों के पहुंचने तक निज्जर को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की लेकिन घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई.

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By Arbindkumar mishra

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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