Ketan Agarwal Murder Case : इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी चेतन चौधरी ने दावा किया कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन सिया ही थी जिसने केतन को रास्ते से हटाने की जिद की. दूसरी तरफ, सिया ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए पुलिस को बताया कि केतन को मारने का आइडिया पूरी तरह चेतन का था. सिया ने यह भी आरोप लगाया कि 14 जून को जब हत्या की पहली कोशिश नाकाम रही, तो चेतन उसके सामने फूट-फूटकर रोया था.
यह सिर्फ खुद को बचाने का है पैंतरा : पुलिस
जांच में जुटी पुलिस ने बताया- दोनों आरोपी खुद को पाक-साफ दिखाने और सजा से बचने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. लेकिन हमारे पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो साबित करती हैं कि केतन को ठिकाने लगाने की इस साजिश में दोनों बराबर के भागीदार थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस को यह भी पता चला है कि 31 मई से 4 जून के बीच सिया और चेतन ने पुणे के एक कैफे में मुलाकात की थी. पुलिस को शक है कि इसी बैठक में हत्या का पूरा खाका तैयार किया गया था.
18 जून को लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में हुई थी केतन की हत्या
पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था. सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है. अग्रवाल और गोयल की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी.
पिता के रियल एस्टेट बिजनेस में डायरेक्टर था केतन
मृतक केतन अग्रवाल बोस्टन से मास्टर डिग्री पूरी कर भारत लौटा था और अपने पिता के रियल एस्टेट बिजनेस में डायरेक्टर था. केतन और सिया का परिवार 1990 के दशक से एक-दूसरे को जानता था. इसी साल फरवरी में गुलबर्गा में एक शादी के दौरान दोनों मिले और परिवारों की मर्जी से एक हफ्ते के भीतर दोनों की सगाई हो गई.
पुणे कारोबारी हत्या मामले में एसआईटी गठित करने का निर्देश
महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया.
NCP नेता सुनील शेलके ने गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाने की मांग की
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सदस्य सुनील शेलके ने राज्य विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की कि हत्या के मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाये. उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से उसके (सिया) किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी और कहा कि हत्या का मुकदमा त्वरित अदालत में चलाया जाना चाहिए. खरे ने सरकार को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया.
ये भी पढ़ें: पुणे मर्डर केसः दीवाली पार्टी में हुई दोस्ती, मंगेतर की मौत तक पहुंची कहानी
