केरल मानव बलि मामला: हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के शरीर के अंगों को खाया? जानें क्या है मामला

केरल 'मानव बलि' मामले पर कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने बताया, हमने मारे गए दोनों महिलाओं के शरीर के सभी हिस्सों को बरामद कर लिया है. पीड़ित महिला में से एक के शरीर के अंगों को तीन गड्ढों में से बरामद किया गया जहां उन्हें दफनाया गया था.

केरल मानव बलि मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने संदेह व्यक्त किया है कि आरोपियों ने पहले दो महिलाओं की हत्या की उसके बाद उनके शरीर के अंगों को खा लिया. इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने इस कृत्य को भयावह और अमानवीय करार दिया और कहा, केरल में दो महिलाओं की मानव बलि देने का मामला अभी तक का सबसे घिनौना अपराध है.

क्या बोले पुलिस आयुक्त

केरल ‘मानव बलि’ मामले पर कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने बताया, हमने मारे गए दोनों महिलाओं के शरीर के सभी हिस्सों को बरामद कर लिया है. पीड़ित महिला में से एक के शरीर के अंगों को तीन गड्ढों में से बरामद किया गया जहां उन्हें दफनाया गया था. उन्होंने आगे बताया, ऐसी संभावना है कि आरोपियों ने पीड़ितों की हत्या करने के बाद शरीर के अंगों को खा लिया है. इसकी जांच की जा रही है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. मुख्य आरोपी शफी एक विकृत व्यक्ति है. हम जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें अन्य आरोपी हैं और क्या ऐसे और मामले हुए हैं?

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क्या मारी गयी महिलाओं के साथ हुआ था यौन शोषण, पुलिस करेगी जांच

केरल मानव बलि मामले के मुख्य जांचकर्ता कोच्चि DCP एस शशिधरन ने कहा, जब हमने मुख्य आरोपी शफी से पूछताछ की तो हमें पहले कुछ नहीं मिला. वैज्ञानिक जांच हमें पथानामथिट्टा तक ले गई. हमें जांच के दौरान पता चला कि शफी मुख्य साजिशकर्ता और विकृत व्यक्ति है. हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या मुख्य आरोपी शफी ने कोई यौन शोषण किया है. इस मानव बलि अनुष्ठान मामले के अलावा विभिन्न अपराधों के तहत शफी के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं. मुख्य आरोपी शफी ने वित्तीय कठिनाइयों वाले लोगों को खोजने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल किया. उसने भगवल सिंह और लैला को पाया, जो मानव बलि में रुचि रखते थे. शफी ने अपनी पत्नी के फोन में फेसबुक चलाया था लेकिन वह नहीं जानती थी.

आरोपी भेजे गये 26 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में

केरल में ‘मानव बलि’ के मामले में एर्नाकुलम सत्र अदालत ने तीनों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दो महिलाओं की हत्या के मामले के तीन आरोपियों को बुधवार सुबह अदालत में पेश किया गया. मामले में आरोपी भागवल सिंह, उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी के बयान मंगलवार को दर्ज किए गए थे. आरोपियों ने अपनी आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर महिलाओं की बलि दी थी.

क्या है मामला

दरअसल केरल के पथनमथिट्टा के एलानथूर में दंपित के घर से महिलाओं के शव के टुकड़े बरामद हुए. जिसके बाद इलाके में सनसनी मच गयी. पुलिस के अनुसार, महिलाओं की उम्र 50 से 55 वर्ष के बीच थी. इनमें से एक कदवंथरा और दूसरी नजदीक स्थित कालडी की रहने वाली थी. वे इस साल क्रमश: सितंबर और जून से लापता थीं. उनकी तलाश में जुटी पुलिस को तफ्तीश के दौरान घटना के कथित तौर पर मानव बलि से जुड़े होने की जानकारी मिली थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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