Vande Bharat Train: केरल को इस दिन मिलेगी वंदे भारत ट्रेन की सौगात, खासियत ऐसी की सफर में आ जाएगा आनंद

स्वदेशी में डिजाइन वंदे भारत एक्सप्रेस उत्कृष्ट यात्रा सुविधाओं से लैस है. यह ट्रेन कवच (टक्कर-रोधी प्रणाली) एवं अत्याधुनिक आग नियंत्रण प्रणाली से युक्त है. इससे पर्यटन को बढ़ावा और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा.

केरल को बहुत जल्द वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अप्रैल को हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना करेंगे. बुधवार को इसका ट्रायल भी किया गया. ट्रेन अपने दूसरे ट्रायल रन पर तिरुवनंतपुरम से एर्नाकुलम पहुंचती.

केरल की पहली वंदे भारत ट्रेन सेवा कासरगोड तक बढ़ाई गई

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस कासरगोड से होकर भी गुजरेगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अप्रैल को इस ट्रेन की शुरुआत करेंगे. शुरुआत में ट्रेन को तिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच चलाने की योजना थी. मंत्री ने यह भी बताया कि रेलवे दो चरणों में केरल में पटरियों का अपग्रेड कर रहा है. चरण एक के तहत कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक पूरे ट्रैक को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति क्षमता में बदलने के लिए 381 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह डेढ़ साल के भीतर किया जाएगा. दूसरे चरण में अन्य आवश्यक सुधार होंगे. इसे पूरा होने में दो से साढ़े तीन साल लगेंगे और इसके बाद ट्रैक की गति क्षमता को बढ़ाकर 130 किमीमीटर प्रति घंटा किया जाएगा. अभी केरल के लिए सिर्फ एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दी गई है और भविष्य में और ट्रेनें शुरू की जाएंगी.

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वंदे भारत ट्रेन की खासियत

  • स्वदेशी में डिजाइन वंदे भारत एक्सप्रेस उत्कृष्ट यात्रा सुविधाओं से लैस है. यह ट्रेन कवच (टक्कर-रोधी प्रणाली) एवं अत्याधुनिक आग नियंत्रण प्रणाली से युक्त है. इससे पर्यटन को बढ़ावा और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा. इसकी अन्य खासियत ये हैं.

  • वंदे भारत ट्रेन भारत की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन है. महज 52 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने की क्षमता इस ट्रेन में है.

  • ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित हैं

  • ट्रेन में स्लाइडिंग फुट स्टेप्स के साथ स्वचालित दरवाजे हैं.

  • वंदे भारत ट्रेन की कुर्सी को 180 डिग्री तक रोटेट किया जा सकता है.

  • ट्रेन में जीपीएस आधारित इंफॉर्मेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम टॉयलेट हैं.

  • पावर बैकअप का इंतजाम है.

  • यह ट्रेन सुरक्षा कवच से लैस है.

  • नयी वंदे भारत एक्सप्रेस में 2 कोच ऐसे हैं, जिससे पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकती है.

  • इस ट्रेन के डिब्बों में सीसीटीवी और गार्ड व चालकों से बात करने की सुविधा है.

  • किसी भी आपात स्थिति में ट्रेन को एक बटन दबाकर रोका जा सकता है.

  • इसमें टच-फ्री सुविधाओं के साथ बायो वैक्यूम शौचालय भी है.

  • सूचना व मनोरंजन के लिए प्रत्येक कोच में ‘यात्री सूचना और मनोरंजन प्रणाली’ (पैसेंजर इन्फॉर्मेशन एंड इन्फोटनमेंट सिस्टम) लगी हुई है.

  • इसके अलावा, दिव्यांगजनों के अनुकूल शौचालय, सीट हैंडल और ब्रेल लिपि में सीट नंबर भी हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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