जम्मू-कश्मीर में मई के महीने में दूसरे कश्मीरी पंडित की हत्या से लोग सहमे हुए हैं. यहां के कुलगाम जिले में मंगलवार को आतंकवादियों ने प्रवासी कश्मीरी पंडित शिक्षिका (kashmiri pandit killed ) की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस की ओर से यह जानकारी दी गयी है. रजनी बाला नामक शिक्षिका गोपालपुर (kashmir) में बतौर पर शिक्षिका तैनात थीं. जहां की सुरक्षा घटना के बाद बढ़ा दी गयी है. बताया जा रहा है कि महिला शिक्षिका की हत्या करीब 10 बजे की गयी है. इसके बाद लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे.
गोपालपुर के ग्राम प्रधान ने मामले को लेकर कहा कि आतंकियों ने घटना को करीब 10 बजे अंजाम दिया है. मैंने देखा कि शिक्षिका को सिर पर गोली मारी गयी है. एक अन्य शिक्षिका उसकी मदद के लिए दौड़ी. मैंने मामले के संबंध में पुलिस को जानकारी दी. शिक्षिका की एक रिश्तेदार ने बताया कि हमें न्याय चाहिए. सरकार को मामले पर कुछ ठोस कदम उठाना चाहिए जिससे टारगेट किलिंग को रोका जा सके. बाहर से कश्मीर में आकर काम कर रहे लोगों को सुरक्षा प्रदान किया जाना चाहिए.
शिक्षिका के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि मैं क्या कहूं, समझ में नहीं आ रहा है. वह मेरी सिस्टर इन लॉ थी. वह यहां दो महीने पहले ही आयी थी. उसने पहले कहा था कि यहां सबकुछ ठीक है. डरने की कोई जरूरत नहीं लेकिन कुछ दिन पहले उसने कहा था कि कुछ यहां ऐसा है जिससे डर का माहौल है. यह आज क्लियर हो गया कि वह क्यों डरी हुई थी. मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि कुलगाम जिले के गोपालपुर में रजनी बाला (36) पर आतंकवादियों ने गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गईं. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
Also Read: Jammu-Kashmir में एक और कश्मीरी पंडित की हत्या, शिक्षिका को आतंकियों ने मारी गोली 12 मई को राहुल भट् की हत्याबताया जा रहा है कि रजनी बाला गोपालपुर में बतौर पर शिक्षिका तैनात थीं. पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शिक्षिका की हत्या को ‘‘घिनौना” कृत्य करार दिया. गौरतलब है कि मई के महीने में दूसरी बार किसी कश्मीरी पंडित की हत्या की गई है. 12 मई को राहुल भट् की बडगाम जिले की चदूरा तहसील में तहसीलदार कार्यालय के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मई महीने के दौरान कश्मीर में अभी तक सात लक्षित हत्याएं की गई हैं. इनमें से चार नागरिक और तीन पुलिसकर्मी थे, जो ड्यूटी पर तैनात नहीं थे.
भाषा इनपुट के साथ
