पंचतत्व में विलीन हुए कर्नाटक के मंत्री डी सुधाकर, फेफड़ों के संक्रमण के चलते निधन

D Sudhakar Death: कर्नाटक के मंत्री डी सुधाकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को चल्लकेरे में किया गया. दिवंगत नेता को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी.

D Sudhakar Death: मंत्री डी सुधाकर का अंतिम संस्कार जैन परंपराओं के अनुसार किया गया. उनके बेटे सुहास ने उनकी चिता को अग्नि दी.

फेफड़ों के संक्रमण ने मंत्री सुधाकर की जान

योजना एवं सांख्यिकी मंत्री का रविवार तड़के बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कुछ समय से उनका फेफड़ों के संक्रमण का इलाज हो रहा था. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर से विधायक सुधाकर 66 साल के थे. उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है.

सीएम सिद्धरमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार ने दी आखिरी विदाई

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू.टी. खादर और गृह मंत्री जी. परमेश्वर उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी.

कर्नाटक में स्कूल-कॉलेज में छुट्टी, तीन दिन का राजकीय शोक

राज्य सरकार ने सोमवार को चित्रदुर्ग जिले में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है. दिवंगत नेता के सम्मान में रविवार से शुरू होकर तीन दिनों तक पूरे राज्य में राजकीय शोक घोषित किया गया है.

कौन थे डी सुधाकर?

सुधाकर ने अपना पहला चुनाव 2004 में कांग्रेस के टिकट पर चल्लकेरे से जीता था. 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया इसलिए सुधाकर ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने तत्कालीन बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का समर्थन किया और मंत्री बने. बाद में वह कांग्रेस में लौट आए और 2013 और 2023 में हिरियुर से जीत हासिल की.

सुधाकर न केवल पार्टी, पूरे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे: रणदीप सिंह सुरजेवाला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को मंत्री डी सुधाकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह न केवल पार्टी बल्कि पूरे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे. सुरजेवाला ने कहा, उनका सौम्य स्वभाव, उनके चेहरे पर हमेशा रहने वाली मुस्कान, जमीनी कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव, कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा और गरीबों, दलितों तथा आम लोगों के हित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने सुधाकर को सभी का प्रिय बनाया. इसीलिए लोगों ने उन्हें बार-बार चुना.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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