'गंदे कपड़े पहनकर बाहर निकलीं लड़कियां बिल्कुल लगती हैं शूर्पणखा', कैलाश विजयवर्गीय ने कह दी ये बात

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हम महिलाओं को देवी बोलते हैं, लेकिन लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता, बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं..

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विवादित बयान दिया है जिसकी सभी आलोचना कर रहे हैं. जी हां…उन्होंने कहा है कि ‘‘गंदे कपड़े’’ पहनकर बाहर निकलीं लड़कियां बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं. विजयवर्गीय ने भारतीय संस्कारों की दुहाई देते हुए युवतियों को ‘‘अच्छे कपड़े’’ पहनने की सलाह भी दी है. यहां चर्चा कर दें कि भारत के पौराणिक ग्रंथ “रामायण” में शूर्पणखा को लंका के राजा रावण की बहन बताया गया है और कथा के मुताबिक शूर्पणखा के अमर्यादित आचरण को लेकर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी थी.

अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें

चश्मदीदों ने बताया कि विजयवर्गीय ने बुधवार रात महावीर जयंती और हनुमान जयंती के सिलसिले में एक स्थानीय सामाजिक संस्था के कार्यक्रम के मंच से अपने संबोधन में यह बात कही. उनके संबोधन के एक विवादास्पद अंश का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में विजयवर्गीय इंदौर में रात के वक्त युवाओं के नशे में झूमते नजर आने पर चिंता जताते हुए स्थानीय लोगों से अपील करते सुनाई पड़ रहे हैं कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें. उन्होंने कहा कि मैं तो दादा-दादी, मां-बाप सबसे कहता हूं कि शिक्षा जरूरी नहीं है, संस्कार जरूरी हैं.

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….इनको पांच-सात लगाकर नशा उतार दूं

भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं रात में जब (बाहर) निकलता हूं और पढे़-लिखे नौजवानों और बच्चों को (नशे में) झूमते हुए देखता हूं, तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि (गाड़ी से) उतरकर इनको पांच-सात लगाकर नशा उतार दूं. मैं भगवान की कसम खाकर कहता हूं. मैं हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोल रहा हूं. भाजपा महासचिव यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को देवी बोलते हैं, लेकिन लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता, बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं..सच में… भगवान ने इतना अच्छा और सुंदर शरीर दिया है..तुम जरा अच्छे कपड़े पहनो यार…

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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