‘शूर्पणखा’ वाले बयान पर कैलाश विजयवर्गीय को मिला दिग्विजय सिंह के विधायक भाई का समर्थन

पांच बार लोकसभा सदस्य और तीन बार विधायक रहे लक्ष्मण सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं. लक्ष्मण सिंह 2003 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे और 2009 में भाजपा छोड़ फिर वापस कांग्रेस में चले गये.

गंदे कपड़े पहनकर बाहर निकलने वाली लड़कियों के शूर्पणखा लगने संबंधी भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद हंगाम जारी है. कांग्रेस पार्टी लगातार बयान का विरोध कर रही है. लेकिन पार्टी को तब झटका लगा, जब मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह भाजपा नेता के समर्थन में सामने आये. कांग्रेस विधायक ने विजयवर्गीय के बयान को सही ठहराया.

दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं लक्ष्मण सिंह

पांच बार लोकसभा सदस्य और तीन बार विधायक रहे लक्ष्मण सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं. लक्ष्मण सिंह 2003 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे और 2009 में भाजपा छोड़ फिर वापस कांग्रेस में चले गये.

कैलाश भाई आप इंदौर के बेताज बादशाह हो : लक्ष्मण सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने रविवार रात को एक ट्वीट में विजयवर्गीय के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा, कैलाश जी का शूर्पणखा वाला वक्तव्य सुना. कुछ मायने में सही है. इंदौर अहिल्या देवी की संस्कार वाली नगरी है. पहनावे पर ध्यान तो रखना चाहिए. परंतु कैलाश भाई आप इंदौर के बेताज बादशाह हो, फिर यह कैसे हो रहा है?

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कांग्रेस ने विजयवर्गीय के बयान को बताया था अशोभनीय

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने बाद में भोपाल और इंदौर में भाजपा नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा था कि महिलाओं की तुलना शूर्पणखा से करना अत्यंत अशोभनीय, अनुचित, शर्मनाक और दूषित मानसिकता का परिचायक है.

विजयवर्गीय ने क्या दिया था बयान

गौरतलब है कि विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक धार्मिक समारोह में विवादास्पद टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, मैं रात में जब (बाहर) निकलता हूं और पढ़े-लिखे नौजवानों और बच्चों को (नशे में) झूमते हुए देखता हूं, तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि (गाड़ी से) उतरकर इनको पांच-सात लगाकर नशा उतार दूं. मैं भगवान की कसम खाकर कहता हूं. मैं हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोल रहा हूं. उन्होंने कहा था, हम महिलाओं को देवी बोलते हैं, लेकिन लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता, बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं… सच में. भगवान ने इतना अच्छा और सुंदर शरीर दिया है… तुम जरा अच्छे कपड़े पहनो यार.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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