JPC Report on Waqf Bill: वक्फ बिल पर गुस्से में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, कहा- 'कबूल नहीं, जारी रहेगी लड़ाई'

JPC Report on Waqf Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट गुरुवार को लोकसभा के पटल पर रखी गई. जिसपर विपक्ष ने भारी हंगामा किया. इस बीच ऑल इंडिया पर्सनल बोर्ड की भी प्रतिक्रिया इसपर आ गई है.

JPC Report on Waqf Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर JPC की रिपोर्ट को लेकर ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आपत्ति जताई है और अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा- वो आखिरी तक इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, “हम वक्फ (संशोधन) विधेयक की मुखालफत करते हैं. हम चाहते हैं कि वक्फ विधेयक में संशोधन न किया जाए. विपक्ष के सांसदों ने भी अपनी आपत्तियां रखी थी. लेकिन उन्होंने रिपोर्ट में नहीं रखा गया.” बिल लोकसभा के पटल पर रखने के बाद पर्सनल बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें कहा, “भारत की संपत्ति पर जितना अधिकारी एक हिंदू का है, जितना अधिकार सिखों का है, उतना ही अधिकार मुस्लिमों का भी है. पर्सनल लॉ बोर्ड की खालिद सैफुल्लाह ने उस बात को खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि एक दिन पूरा देश वक्फ हो जाएगा. उन्होंने कहा- यह झूठ केवल सरकार की ओर से फैलाई जा रही है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- उनकी लड़ाई सरकार से है. उन्होंने कहा- हर धर्म के अपने तौर-तरीके हैं, वैसे में एक समान कानून कैसे थोपा जा सकता है.”

Maulana Khalid Rasheed Firangi Mahali

क्या है वक्फ संशोधन विधेयक

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 वक्फ संपत्तियों को रेगुलेटेड और मैनेज करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन किया जा रहा है. वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद आठ अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था.

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वक्फ पर विपक्षी सांसदों ने क्या कहा?

वक्फ पर जेपीसी की रिपोर्ट का विपक्षी सांसदों ने भी विरोध किया, सपा की सांसद डिंपल यादव ने कहा, “जिस तरह विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया…सरकार मनमाने तरीके से यह विधेयक ला रही है। वे ध्यान भटकाने के लिए सत्र के आखिरी दिन विधेयक लेकर आए हैं.” AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “वक्फ संशोधन बिल असंवैधानिक है. ये वक्फ को बचाने के लिए नहीं बल्कि मुस्लिमों से वक्फ को छीनने के लिए ये विधेयक लाया जा रहा है, वक्फ को बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा है. हम इसकी आलोचना करते हैं.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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