J&K Assembly Autumn Session: जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र के पहले ही दिन सोमवार को NHM कर्मचारियों की मांगों को लेकर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों ने सदन में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इस दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.
NHM कर्मचारी लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में जॉब पॉलिसी, नौकरी की सुरक्षा, रिटायरमेंट बेनिफिट, सामाजिक सुरक्षा और EPF कवरेज शामिल हैं. विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में इन मांगों को उठाते हुए सरकार से कर्मचारियों के मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की मांग की.
हंगामे के बीच बोलते रहे CM उमर अब्दुल्ला
विधानसभा में विपक्षी विधायकों की नारेबाजी और हंगामे के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन में अपनी बात रखते रहे. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के मंत्री हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए सदन में मौजूद हैं, लेकिन विपक्ष के विधायक सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता से भाजपा विधायकों के प्रदर्शन को देखने की अपील की.
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NHM कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
NHM कर्मचारियों की ओर से नौकरी से जुड़े कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं. इनमें मुख्य रूप से जॉब पॉलिसी, नौकरी की सुरक्षा, रिटायरमेंट लाभ, सामाजिक सुरक्षा और EPF कवरेज की मांग शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ है.
सात दिन चलेगा विधानसभा का शरद सत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात दिवसीय शरद सत्र सोमवार से शुरू हुआ. सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच रोजगार, कर्मचारियों के नियमितीकरण, बिजली, विकास और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. पहले ही दिन NHM कर्मचारियों का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा और इसे लेकर विधानसभा में हंगामे की स्थिति बन गई.
