Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने फिर खोली नदीमर्ग नरसंहार केस की फाइल, जानिए क्या है पूरा मामला

म्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने आगामी 15 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की है. इससे पहले यह मामला बंद हो गया था. बता दें, नदीमर्ग में हुए कश्मीरों पंडितों के नरसंहार मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया था.

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर का नदीमर्ग नरसंहार केस एक बार फिर रिओपन होगा. जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने इस केस को फिर से खोलने के आदेश दिए हैं. गौरतलब है कि यह केस एक दशक से ज्यादा समय से बंद था. लेकिन अब जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इसे फिर से खोला जाएगा. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में साल 2003 में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी.

फिर से शुरू होगी सुनवाई: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने आगामी 15 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की है. इससे पहले यह मामला बंद हो गया था. बता दें, नदीमर्ग में हुए कश्मीरों पंडितों के नरसंहार मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया था. इस मामले में 7 लोगों का चालान किया गया था.

मारा गया नरसंहार का मास्टरमाइंड: नदीमर्ग नरसंहार का मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जिया मुस्तफा की भी आतंकी हमले में मौत हो गई है. बता दें. मुस्तफा नदीमर्ग नरसंहार का मुख्य आरोपी था. घटना वाली रात लश्कर-ए-तैयबा के 7 आतंकी सैन्य वर्दी में नदीमर्ग आये थे. आतंकियों ने इलाके में रह रहे एक 24 लोगों की हत्या कर दी.

क्या है नदीमर्ग नरसंहार मामला: 23 मार्च 2003 को लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी पुलवामा के नदीमर्ग इलाके में सैनिकों की वर्दी में पहुंचे. नकली सैनिक बने आतंकियों ने वहां रह रहे 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी. मरने वालों में 11 पुरुष, 11 महिलाएं और 2 छोटे बच्चे भी शामिल थे.

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