जम्मू-कश्मीर: आतंकियों ने करवायी DG HK Lohia की हत्या ? गला रेता हुआ था, कमरे से निकल रही थी आग

ADGP मुकेश सिंह ( जम्मू ) ने आगे कहा है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक घरेलू सहायक यासिर अहमद मुख्य आरोपी है. जांच से पता चलता है कि वह अपने व्यवहार में काफी आक्रामक था और सूत्रों के अनुसार अवसाद में भी था.

जम्मू-कश्मीर के डीजी जेल एचके लोहिया घर में ही मृत पाये गये हैं जिसके बाद प्रशासन जांच में जुट गया है. डीजी जेल के नौकर के फरार होने के बाद इसकी आतंकी एंगल से जांच किये जाने की बात कही जा रही है. ADGP मुकेश सिंह ( जम्मू ) ने कहा है कि प्रारंभिक जांच के अनुसार कोई आतंकी कृत्य स्पष्ट नहीं है लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है. हत्या के बाद इसमें इस्तेमाल किये गये हथियार ज़ब्त कर लिये गये हैं. पुलिस को कुछ दस्तावेज़ मिले हैं जो सहायक यासिर की मानसिक स्थिति को दर्शा रहे हैं.

ADGP मुकेश सिंह ( जम्मू ) ने आगे कहा है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक घरेलू सहायक यासिर अहमद मुख्य आरोपी है. जांच से पता चलता है कि वह अपने व्यवहार में काफी आक्रामक था और सूत्रों के अनुसार अवसाद में भी था. यहां चर्चा कर दें कि जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) हेमंत लोहिया की उनके निवास पर हत्या कर दी गयी है. मामले में पुलिस को उनके घरेलू सहायक यानी नौकर पर शक है.

लड़का मलहम लगाने के बहाने कमरे में गया

DGP दिलबाग सिंह ने कहा कि हमें कुछ जानकारी मिली है जिससे वह लड़का मानसिक रूप से बीमार साबित हो रहा है. उसके व्यवहार में भी आक्रामकता थी. उन्होंने आगे बताया कि लोहिया कुछ समय से अपने दोस्त के घर पर रह रहे थे. रात में भोजन के बाद वे अपने कमरे में गये उनके पैर में चोट लगी हुई थी तभी यह लड़का जो यहां पर काम करता था मलहम लगाने के बहाने से कमरे में गया और कुंडी लगाकर उनपर हमला कर दिया. बाद में उन्हें सांस लेने में तकलीफ देने के माध्यम से उनपर किसी कपड़े में आग लगाकर भी फेंका. बाहर के लोगों ने दरवाज़ा तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की लेकिन तब तक घटना हो चुकी थी.

जेल महानिदेशक के रूप में पदोन्नत

यहां चर्चा कर दें कि लोहिया को अगस्त में केंद्रशासित प्रदेश के जेल महानिदेशक के रूप में पदोन्नत और नियुक्त किया गया था. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने बताया कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी लोहिया (52) शहर के बाहरी इलाके में अपने उदयवाला निवास पर मृत पाये गये. उनका गला रेता गया था और उनके शरीर पर जलने के निशान थे.

शव को आग लगाने की कोशिश

पुलिस प्रमुख ने कहा कि घटनास्थल की प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि लोहिया ने अपने पैर में कुछ तेल लगाया होगा जिसमें कुछ सूजन दिखाई दे रही थी. उन्होंने कहा कि हत्यारे ने पहले लोहिया को गला घोंटकर मौत के घाट उतारा और फिर उनके गले को काटने के लिए केचप की टूटी हुई बोतल का इस्तेमाल किया था तथा बाद में शव को आग लगाने की कोशिश की.

लोहिया के कमरे के अंदर आग

पुलिस प्रमुख ने कहा कि अधिकारी के आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने लोहिया के कमरे के अंदर आग देखी और उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण इसे तोड़ दिया. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घटनास्थल की प्रारंभिक जांच हत्या की ओर इशारा कर रही है. उन्होंने कहा कि घरेलू सहायक फरार है. उसकी तलाश शुरू कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक और अपराध दल मौके पर हैं.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >