अमरनाथ यात्रा रद्द करने वाला बयान जम्मू-कश्मीर सूचना निदेशालय ने लिया वापस

जम्मू कश्मीर सूचना निदेशालय ने अब प्रेस नोट वापस ले लिया है जिसमें अमरनाथ यात्रा 2020 को रद्द करने की जानकारी दी गई थी. बता दें, कुछ समय पहले ही एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया था. यानि अब 23 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो सकती है

जम्मू : जम्मू कश्मीर सूचना निदेशालय ने अब प्रेस नोट वापस ले लिया है जिसमें अमरनाथ यात्रा 2020 को रद्द करने की जानकारी दी गई थी. बता दें, कुछ समय पहले ही एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया था.

यह यात्रा 23 जून से दो मार्गों अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बाल्टाल से शुरू होनी थी. ‘कोरोना वायरस महामारी की वजह से श्री अमरनाथ यात्रा रद्द’ शीर्षक से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया था. इसमें एक प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 38वीं बैठक में लिया गया है. बैठक राजभवन में उप राज्यपाल जी सी मुर्मु की अध्यक्षता में हुई.

उप राज्यपाल बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं. बयान में यह भी कहा गया था कि बोर्ड ने निर्णय लिया है कि ‘प्रथम पूजा’ और ‘संपन्न पूजा’ पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न होगी. हालांकि आधे घंटे के भीतर एक अन्य आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया कि ‘कोरोना वायरस महामारी की वजह से श्री अमरनाथ यात्रा रद्द’ शीर्षक से जारी पहले वाले बयान (संख्या-पीआर/डीआई/19/7062) को ‘रद्द और वापस’ लिया गया समझा जाए.

बता दें, जम्मू कश्मीर में 407 पॉजिटिव मरीज हैं. जिनमें 351 सिर्फ कश्मीर से हैं. जहां से अमरनाथ यात्रा गुजरती है.उस कश्मीर घाटी के 10 जिले कोरोना से प्रभावित हैं. चार जिले श्रीनगर , बारामुला, बांडीपोरा और कुपवाड़ा को हॉटस्पॉट किया गया है.

इससे पहले उपराज्यपाल मुर्मु ने कहा था कि जिन मार्गों से यह यात्रा गुजरेगी वहां घाटी में कुल 77 रेड जोन की पहचान की गई है. उन्होंने कहा, ‘‘ इस महामारी की वजह से लंगर लगाना, चिकित्सीय सुविधा, शिविर बनाना और सामग्रियों को जुटाना और मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत सरकार ने राष्ट्रव्यापी बंद की अवधि को तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया है और इसके आगे की स्थिति को लेकर पूर्वानुमान लगाना कठिन है.

ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है. प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने सर्वसम्मति से महामारी को देखते हुए यात्रा नहीं आयोजित करने के पक्ष में निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि पूजा और शिवलिंग के दर्शन के लिए ऑनलाइन और मीडिया के अन्य माध्यमों के जरिए प्रसारण के रास्ते तलाशे जाएंगे. इससे इस तरह के धार्मिक जमावड़े से बचने का उदाहरण भी पेश किया जाएगा

बता दें, जम्मू कश्मीर में 407 पॉजिटिव मरीज हैं. जिनमें 351 सिर्फ कश्मीर से हैं. जहां से अमरनाथ यात्रा गुजरती है.उस कश्मीर घाटी के 10 जिले कोरोना से प्रभावित हैं. चार जिले श्रीनगर , बारामुला, बांडीपोरा और कुपवाड़ा को हॉटस्पॉट किया गया है.

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By Mohan Singh

Mohan Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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