जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पिछले दिनों कुछ घंटों के भीतर हुए दो आतंकवादी हमलों में 6 लोगों की मौत और 11 अन्य के घायल होने के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन जारी है. पुंछ लगातार दूसरे दिन बंद रहा. बंद को देखते हुए सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विरोध प्रदर्शन से बिगड़ रही स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने भी कमर कस ली है.
सीआरपीएफ की 18 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करेगा केंद्र
आतंकी हमलों में नागरिकों की हत्या के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से विरोध जारी है और हिंसा का रूप लेता जा रहा है, उसे देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सीआरपीएफ की 18 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है. पुंछ और राजौरी में करीब 18 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी. विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सीआरपीएफ की 8 कंपनियों को तैनात कर दी गयी हैं, जबकि 10 कंपनियों को दिल्ली से भेजा जाएगा.
विरोध प्रदर्शन में लगे पाकिस्तान के खिलाफ नारे
आतंकवादी हमले के खिलाफ दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान पुंछ में बंद है और सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सर्द मौसम के बावजूद तख्तियों के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की और टायर जलाए एवं जम्मू क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की.
कठुआ में प्रदर्शन के दौरान राजमार्ग पर जाम, यातायात प्रभावित
कठुआ जिले में प्रदर्शकारी कालीबाड़ी के नजदीक राजमार्ग पर जमा हुए और सड़क बाधित कर दी जिसकी वजह से एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा.
पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग, भाजपा नेता ने पड़ोसी देश का जलाया पुतला
भाजपा नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर में परेशानी खड़ी कर रहे पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पड़ोसी देश का पुतला जलाया. भाजपा नेता ने कहा, हम पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उसके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की मांग करते हैं ताकि वहां मौजूद आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया जा सके.
