Jammu And Kashmir: जम्मू के 10 में से 8 जिले 2024 में आतंकी हमलों से दहले, 13 आतंकवादी ढेर

Jammu And Kashmir: साल 2024 में जम्मू क्षेत्र के कई जिलों में आतंकवादी हमले हुए. जिसमें 18 जवान शहीद हुए, तो 13 आतंकवादी मारे गए. हमले में कई नागरिकों की भी मौत हुई.

Jammu And Kashmir: पिछले तीन वर्षों में सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में घातक हमलों के बाद इस साल आतंकवादी गतिविधियां जम्मू क्षेत्र के छह अन्य जिलों में फैल गईं. जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए. जबकि 13 आतंकवादी मारे गए. अप्रैल-मई से रियासी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर और जम्मू में हुईं सिलसिलेवार घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता पैदा कर दी है.

आतंकवादी हमले में 14 नागरिकों की भी गई जान

इस साल हुए आतंकवादी हमले में 14 नागरिकों की भी जान गई. जिसमें 7 शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्री थे, जबकि तीन ग्राम रक्षा प्रहरी (वीजीडी) थे. तीर्थयात्रियों की मौत बस पर हुए हमले में हुई थी, जिसमें स्थानीय चालक और कंडक्टर की भी मौत हो गई, वहीं वीडीजी को उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में गोली मार दी गई.

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राजौरी-पुंछ क्षेत्र में अक्टूबर 2021 के बाद आतंकवादियों ने सेना के काफिले को बनाया निशाना

जम्मू क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तरह एक दशक पहले आतंकवाद से लगभग मुक्त होने वाले राजौरी-पुंछ क्षेत्र में अक्टूबर 2021 से ज्यादातर सेना के वाहनों को निशाना बनाकर घातक आतंकवादी हमले किए गए. जिसमें 47 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए. 48 आतंकवादियों को मार गिराया गया और 7 आम नागरिकों की मौत भी हुई. राजौरी में 2021 में 19, 2022 में 14 और 2023 में 28 मौत हुईं. इसी तरह, पुंछ में 2021 में 15, 2022 में चार और 2023 में 24 मौत दर्ज की गईं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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