Jaipur Murder Case: पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा ने पीटीआई को बताया, प्रताप नगर के रविंद्र नगर की रहने वाली नीरज शर्मा (45) को 3 जुलाई को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने कुचल दिया था, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन नीरज के भाई राकेश को अपनी भांजी पर शक हुआ. उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया. जब पुलिस ने बारीकी से जांच की, तो परतें खुलती चली गईं और साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी मर्डर मिस्ट्री थी.
हत्या की वजह: अनुकंपा नियुक्ति और जायदाद
पुलिस जांच और पूछताछ में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला है. मृतका नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा अदालत में कनिष्ठ लिपिक (LDC) थे. करीब एक साल पहले उनके निधन के बाद नियमों के तहत पत्नी नीरज को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई थी. आरोपी बेटी आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह वह नौकरी उसे मिले. जब मां इसके लिए तैयार नहीं हुई और खुद ड्यूटी पर जाने लगी, तो आयुषी उनसे रंजिश रखने लगी. नौकरी न मिलने से परेशान आयुषी ने अपनी मां को रास्ते से हटाने के लिए अपने ताऊ और उनके बेटे के साथ हाथ मिला लिया. इनका मकसद मां की हत्या कर अनुकंपा नौकरी हासिल करना और उनके नाम की पूरी जायदाद हड़पना था.
सुपारी देकर कराया एक्सीडेंट
योजना के तहत आरोपियों ने मां की हत्या के लिए अपराधियों को सुपारी दी. 3 जुलाई को जब नीरज शर्मा बाहर थीं, तो एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से उन्हें टक्कर मार दी गई ताकि पुलिस इसे महज एक हिट-एंड-रन का केस समझे.
पुलिस ने आरोपी बेटी सहित 7 लोगों को किया गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी बेटी आयुषी, उसके ताऊ और वारदात में शामिल अन्य सहयोगियों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले का एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.
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