ITBP : भारत तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) का एक जवान अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय कानपुर पहुंचा और पीड़ा बताई. आईटीबीपी के जवान विकास सिंह का कहना है कि मुझे इंसाफ चाहिए, मेरी मां का गलत इलाज हुआ, जिसकी वजह से उनका हाथ काटना पड़ा.
मां का हाथ लेकर घूम रहा हूं, लेकिन इंसाफ अबतक नहीं मिला
ITBP के जवान विकास सिंह ने एएनआई न्यूज एजेंसी से कहा कि मैं अपनी मां का हाथ लेकर घूम रहा हूं, लेकिन मुझे इंसाफ नहीं मिल रहा है. सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है. विकास सिंह बताते हैं कि जब मेरी मां को सांस लेने में दिक्कत हुई तो मैं उन्हें कृष्णा हॉस्पिटल ले गया. कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद बताया गया कि मां के हाथ में इंफेक्शन हो गया है, जबकि उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी. बाद में, मैं उन्हें पारस अस्पताल ले गया, जहां उनका हाथ काट दिया गया. पारस हॉस्पिटल ने कृष्णा अस्पताल पर इल्जाम लगाया. मेरी यह मांग है कि कृष्णा अस्पताल के डॉक्टरों और ICU स्टाफ के खिलाफ एक्शन लिया जाए और अस्पताल को बंद किया जाए.
जांच में लापरवाही पाई गई तो एफआईआर दर्ज होगी
एएसपी अमरनाथ का कहना है कि ITBP का जवान महाराजपुर का रहने वाला है. उसकी मां के हाथ में दिक्कत थी और वह उन्हें कृष्णा अस्पताल ले गये थे. जब अस्पताल में इलाज के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला, तो उन्होंने अपनी मां को पारस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया. पारस अस्पताल में ही उनकी मां का हाथ काटा गया है. सीएमको ने मामले की जांच के लिए तीन लोगों की टीम बनाई है. अगर लापरवाही पाई गई, तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
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