Umar Khalid ने अपने चाचा के चेहल्लुम (मृत्यु के 40वें दिन की रस्म) में शामिल होने और अपनी मां की देखभाल करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी. उनकी मां की सर्जरी होनी है.
उमर खालिद पर क्या है आरोप?
उमर खालिद पर 2020 के दंगों का मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप है. दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे. यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी. खालिद और अन्य पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद को जमानत से मना करने के पूर्व के फैसले पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार के पांच जनवरी के अपने फैसले पर सवाल उठाया था. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को जमानत देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ द्वारा दिए गए तर्क पर उसे गंभीर आपत्ति है. पांच जनवरी को, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारी की पीठ ने खालिद और इमाम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि वे गवाहों की गवाही के एक वर्ष बाद नयी जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं.
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