नई दिल्ली : देश में पांच राज्यों में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया जा रहा है. इसके मद्देनजर करीब एक दर्जन भर से अधिक मंत्रियों ने बुधवार को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. वहीं मीडिया में संभावित मंत्रियों के नाम भी बताए जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के तौर पर जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उससे एक अहम सवाल पैदा हो रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े स्तर पर फेरबदल किया जा रहा है.
यूपी से सात मंत्री बनाए जाने की कवायद
मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सात मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है. इनमें उत्तर प्रदेश की अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल का नाम सबसे आगे है. इसके अलावा, लखीमपुर खीरी से भाजपा सांसद अजय मिश्र, आगा से भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल, मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा के नाम शामिल हैं.
सहयोगियों को साधने का प्रयास
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को साधने का भी प्रयास किया जा रहा है. इसमें त्रिपुरा से प्रतिमा भौमिक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा की जा रही है. इसके अलावा, महाराष्ट्र से नारायण राणे, असम से सर्बानंद सोनोवाल के नाम भी सामने आ रहे हैं. बिहार में सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से चार नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. बिहार के जदयू कोटे से आसीपीसी सिंह, चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, रामनाथ ठाकुर और दिलेश्वर कामत का नाम शामिल है, जबकि बिहार से ही लोक जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) के पशुपति पारस का नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नेताओं में शामिल है.
इन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होने से पहले करीब दर्जन भर मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. इनमें रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर, रमेश पोखरियाल निशंक, संतोष गंगवार, देबोश्री चौधरी, संजय धोत्रे, बाबुल सुप्रियो, राव साहेब दानवे पाटिल, सदानंद गौड़ा, प्रताप सारंग, डॉ हर्षवर्धन, थावरचंद गहलोत और रतन लाल कटारिया नाम शामिल है.
Posted by : Vishwat Sen
