होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हालिया हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के उप मिशन प्रमुख (DCM) मोहम्मद जवाद होसैनी समेत ईरानी राजनयिकों को तलब किया. एक दिन पहले (13 जुलाई को) ईरानी हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी. भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
भारत की ओर से यह कूटनीतिक कदम यूएई के उस दावे के एक दिन बाद उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि ओमान के समुद्री क्षेत्र में हॉर्मुज से गुजर रहे दो तेल टैंकरों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया. इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए. घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है.
हमले में दो यूक्रेनी नागरिक भी घायल
यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमले में घायल हुए लोगों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं. मिसाइल हमले के बाद दोनों तेल टैंकरों में आग लग गई, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा. हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया. यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया.
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यूएई ने कहा है कि इस हमले का जवाब देने का उसे पूरा अधिकार है. अपने देश, लोगों और वहां रहने वाले सभी लोगों की सुरक्षा के लिए वह जरूरत पड़ने पर हर कदम उठाएगा. मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.
