भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, BSF ने बताया घुसपैठिया बांग्लादेशी नागरिक

घुसपैठिए ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह बांग्लादेश का नागरिक है. घुसपैठिए ने आठ-नौ मार्च की रात को यह हिमाकत की थी. उसे अमृतसर सेक्टर के राजाताल चौकी से गिरफ्तार किया गया है.

पाकिस्तान की ओर से एक घुसपैठिया अंतरराष्ट्रीय सीमा को क्राॅस कर भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था, जिसे बीएसएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. यह जानकारी बीएसएफ की ओर से दी गयी है.

अमृतसर सेक्टर की ओर से प्रवेश की कोशिश की

सीमा सुरक्षा बल ने जानकारी दी है कि वह घुसपैठिया पंजाब के अमृतसर सेक्टर की ओर से भारतीय सीमा में प्रवेश की कोशिश कर रहा था. उसे रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पहले गोली चलायी और उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया.


घुसपैठिया बांग्लादेशी नागरिक

घुसपैठिये ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह बांग्लादेश का नागरिक है. घुसपैठिए ने आठ-नौ मार्च की रात को यह हिमाकत की थी. उसे अमृतसर सेक्टर के राजाताल चौकी से गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के आधार पर होगी कार्रवाई

बीएसएफ के प्रवक्ता की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार उसे गिरफ्तार करके यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने घुसपैठ की कोशिश क्यों की. पूछताछ के बाद जो जानकारी सामने आयेगी उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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