एक ही किट से हो सकेगी कोरोना के साथ इन्फ्लुएंजा ए, बी की भी जांच, भारत में हुआ ऐसा पहली बार

एनआईवी पुणे के इन्फ्लुएंजा डिवीजन की प्रमुख डॉ वर्षा पोतदार ने कहा कि इस किट से तीन संक्रमणों का पता लगाने का एक आसान, समय बचाने वाला और कुशल तरीका होगा. उन्होंने कहा. एक व्यक्ति के एकल नमूने का उपयोग करके, हम कई संक्रमणों का पता लगाने में सक्षम होंगे.

भारत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है. दरअसल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने पहली स्वदेशी किट विकसित की है. जिसके बाद अब एक ही किट से कोरोना संक्रमण के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा ए, बी की भी जांच हो सकेगी.

3 इन 1 किट से बचेगा समय

एनआईवी पुणे के इन्फ्लुएंजा डिवीजन की प्रमुख डॉ वर्षा पोतदार ने कहा कि इस किट से तीन संक्रमणों का पता लगाने का एक आसान, समय बचाने वाला और कुशल तरीका होगा. उन्होंने कहा. एक व्यक्ति के एकल नमूने का उपयोग करके, हम कई संक्रमणों का पता लगाने में सक्षम होंगे. तकनीशियनों को अगल-अलग सैंपल की जांच नहीं करनी होगी.

फ्लू के मौसम में उपयोगी साबित होगी 3 इन 1 किट

डॉ वर्षा पोतदार ने कहा, मल्टीप्लेक्स सिंगल ट्यूब रीयलटाइम आरटी-पीसीआर टेस्ट फ्लू के मौसम में काफी उपयोगी साबित होगी. उन्होंने बताया, थोक में किट बनाने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था. इसकी आखिरी तारीख 14 जून तय की गयी है. उन्होंने बताया, मिलने वाले आवेदन के बाद सर्वश्रेष्ठ कंपनियों का मुल्यांकन किया जाएगा.

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कैसे काम करेगी किट

इन्फ्लुएंजा डिवीजन की प्रमुख डॉ वर्षा पोतदार ने बताया कि यह किट कोरोना टेस्ट किट की ही तरह रोगी के नाक और गले से स्वाब लेगी. हालांकि एक ही स्वाब से तीन संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा. इससे समय और पैसे की बचत होगी. रोगी को अलग-अलग सैंपल देने की जरूरत नहीं होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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