Indus Water Treaty : बूंद–बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान! ऐसे मोदी सरकार रोकेगी चिनाब नदी का पानी

Indus Water Treaty : सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने चिनाब नदी पर रणबीर नहर के विस्तार की योजना बनाई. जानें इस संबंध में विस्तार से.

Indus Water Treaty : पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के के बाद सिंधु जल संधि को भारत ने निलंबित कर दिया. इसके बाद भारत को मिलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग करने के प्रयासों के तहत केंद्र सरकार चिनाब नदी पर रणबीर नहर की लंबाई बढ़ाने की योजना पर विचार कर रही है. इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अब तक भारत चिनाब से सीमित पानी का उपयोग करता रहा है जिसमें ज्यादातर सिंचाई के लिए होता है, लेकिन अब संधि के निलंबित होने पर इसका उपयोग, खासकर बिजली की मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में बढ़ाए जाने की गुंजाइश है.

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत नदियों पर अपनी मौजूदा जलविद्युत क्षमता को लगभग 3000 मेगावाट बढ़ाने की योजना बना रहा है. इसका इस्तेमाल पहले पाकिस्तान कर रहा था और जलविद्युत क्षमता बढ़ाने के संबंध में अध्ययन की योजना बनाई जा रही है. अधिकारी ने कहा, ‘‘एक प्रमुख योजना रणबीर नहर की लंबाई को 120 किलोमीटर तक बढ़ाने की है.’’ उन्होंने यह भी बताया कि चूंकि बुनियादी ढांचे के निर्माण में समय लगता है, इसलिए सभी हितधारकों से प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया है.

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उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कठुआ, रावी और परागवाल नहरों से गाद निकालने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. साल 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और इसकी सहायक नदियों के पानी के वितरण और उपयोग से संबंधित है. लेकिन भारत ने पहलगाम हमले के बाद संधि को निलंबित करने का फैसला किया और तब से भारत कहता आ रहा है कि संधि तब तक निलंबित रहेगी ‘‘जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय और स्थायी रूप से सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना नहीं छोड़ देता.’’

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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