दीपावली-छठ पर घर जाने का है प्लान, तो टेंशन की नहीं कोई बात; रेलवे चलाएगी 1000+ स्पेशल ट्रेनें

दीपावली और छठ महापर्व के मौके पर घर जाने वालों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है. 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 1053 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, जो दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र से बिहार के प्रमुख शहरों को जोड़ेंगी. यात्रा को आसान बनाने वाली इन ट्रेनों की बुकिंग और नियम जानें.

Diwali-Chhath Special Trains 2026 : दीपावली और छठ महापर्व के मौके पर घर जाने वाले मुसाफिरों को रेलवे ने बड़ी राहत दी है. ट्रेनों में बढ़ती भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने 1,053 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स चलाने की घोषणा की है. 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली ये अतिरिक्त ट्रेनें दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र से बिहार के प्रमुख शहरों- पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गया के लिए जीवनरेखा साबित होंगी. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने दी.

ये ट्रेनें 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 61 दिनों के दौरान चलेंगी. कुछ गाड़ियां पूरे सीजन में चुनिंदा फेरे लगाएंगी, जबकि ज्यादा मांग वाले रूट्स पर इन्हें हफ्ते में एक या दो दिन चलाया जाएगा.

रेलवे वेटिंग लिस्ट के डेटा पर लगातार नजर रख रहा है. यात्रियों का दबाव बढ़ने पर फेरों की संख्या में और बढ़ोतरी की जाएगी.

बिहार आने वालों के लिए कौन से रूट अहम?

दिल्ली, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों से बिहार लौटने वालों के लिए उत्तर मध्य रेलवे का नेटवर्क मुख्य मार्ग है. प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल और डीडीयू जंक्शन इस रूट के सबसे व्यस्त केंद्र हैं.

यह कॉरिडोर पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर जैसे शहरों को जोड़ता है. नई दिल्ली और आनंद विहार से चलने वाली अतिरिक्त ट्रेनें प्रवासियों के सफर को आसान बनाएंगी.

पुणे, हडपसर, ग्वालियर और आगरा की ओर से भी पूर्वी भारत के लिए स्पेशल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

स्पेशल ट्रेन में टिकट बुकिंग और नियम

स्पेशल ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर चरणबद्ध तरीके से खुलता है. यात्री पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी सीट देख सकते हैं.

स्पेशल ट्रेनों के नंबर आमतौर पर '0' से शुरू होते हैं. इनमें स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी और जनरल कोच के विकल्प मिलेंगे.

इन गाड़ियों का किराया नियमित मेल-एक्सप्रेस की तुलना में थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए टिकट बुक करते समय किराए की जानकारी जरूर जांच लें.

किन तारीखों पर रहेगा सबसे ज्यादा दबाव?

अक्टूबर के पहले पखवाड़े में दुर्गा पूजा और दशहरा के चलते ट्रेनों में भीड़ शुरू होगी.

दीपावली और भाई दूज के आसपास दिल्ली, सूरत और मुंबई से बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ेगी.

छठ महापर्व के दौरान बिहार आने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह पैक रहने का अनुमान है. पर्व खत्म होने के अगले 4 से 6 दिनों में वापसी की यात्रा का दबाव सबसे ज्यादा रहेगा.

कन्फर्म टिकट न मिलने पर क्या करें विकल्प?

अगर स्पेशल ट्रेन में भी सीट न मिले, तो यात्रा से एक दिन पहले तत्काल या प्रीमियम तत्काल कोटे में कोशिश कर सकते हैं.

ट्रेन का पहला चार्ट बनने के बाद बची हुई सीटों के लिए करंट बुकिंग काउंटर और IRCTC ऐप पर खुली रहती है.

कई ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के कोच भी जुड़ते हैं, जिनका टिकट स्टेशन या यूटीएस ऐप से लिया जा सकता है. यात्री समय सारिणी की सटीक जानकारी के लिए 139 या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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