कनाडा में हिंदू सुरक्षित नहीं? लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रमुख के घर पर फायरिंग

लक्ष्मी नारायण मंदिर तब खबरों में था, जब इसके सदस्यों ने सरे में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के खिलाफ अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस के प्रदर्शन का विरोध किया था. इसके बाद लमंदिर के प्रमुख के घर पर फायरिंग की खबर सामने आ रही है.

कनाडा और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सरे में लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रमुख के बेटे के आवास पर गोलीबारी की गई है. मामले की जांच जारी है. जांच कर रहे अधिकारी अभी तक हमले के मकसद का पता नहीं लगा पाए हैं. हमलावरों की तलाश जारी है. इस खबर को अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने प्रकाशित की है. घटना को लेकर मंदिर के प्रमुख सतीश कुमार ने बताया कि 11 से 14 गोलियां चलाई गईं. मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता कि ऐसा क्यों हुआ? आगे कुमार ने कहा कि इलाके में जबरन वसूली के मामले देखने को मिले हैं. मेरे बेटे ने हाल ही में एक बीमा एजेंसी बेचने का काम किया है, हो सकता है हमलावरों ने सोचा होगा कि उसके पास बहुत पैसा है.

उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी नारायण मंदिर तब खबरों में था, जब इसके सदस्यों ने सरे में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के खिलाफ अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस के प्रदर्शन का विरोध किया था. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की संलिप्तता के आरोप लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद पैदा हो गया था. इस आरोप के कारण भारत को कनाडा से अपने 62 राजनयिकों में से 41 को वापस बुलाने के लिए कहना पड़ा था.

मंदिर के प्रमुख सतीश कुमार और उनके बेटे का है करोबार

कुछ दिन पहले खालिस्तानी समथर्कों ने सरे मंदिर के गेट और दीवारों पर भारत के राजनयिकों को निशाना बनाते हुए पोस्टर चिपकाए थे. यही नहीं ब्रिटिश कोलंबिया में मंदिरों में तोड़फोड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं. खबरों की मानें तो मंदिर के प्रमुख सतीश कुमार और उनके बेटे का करोबार है और क्षेत्र में उनकी खासी पहचान है. इस इलाके से कई बार जबरन वसूली के प्रयास की खबरें आ चुकी हैं. 23 नवंबर को, पुलिस ने कारोबारियों को निशाना बनाकर की जाने वाली जबरन वसूली की बात कही थी.

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जिस घर पर गोलियां चलाई गई है, वहां छर्रे के निशान

लक्ष्मी नारायण मंदिर परिषद के सदस्य परषोतम गोयल की प्रतिक्रिया मामले को लेकर आई है. उन्होंने कहा है कि हमले ने चिंता बढ़ा दी है. इस बात का कोई सुराग नहीं है कि गोलीबारी के पीछे कौन था? हम बिना सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते हैं. वहीं रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की सरे इकाई ने एक बयान में कहा कि हमले की जांच जारी है. बताया जा रहा है कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन जिस घर पर गोलियां चलाई गई है, वहां छर्रे के निशान हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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