Indian Navy DSC A24 : भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री क्षमताओं को और मजबूत करते हुए डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) परियोजना की पांचवीं वेसल DSC A24 को कोलकाता में लॉन्च किया है. अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस पोत को 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. नौसेना का कहना है कि यह पोत समुद्र में ऑपरेशनल डाइविंग, अंडरवाटर निरीक्षण, मरम्मत और बचाव अभियानों को पहले से अधिक प्रभावी बनाएगा.
टिटागढ़ रेल सिस्टम्स में हुआ लॉन्च
DSC A24 को टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) के शिपयार्ड में नौसेना की परंपराओं के अनुसार लॉन्च किया गया. इस मौके पर भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ पर्सोनल वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह मौजूद रहे. नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
अत्याधुनिक तकनीक से लैस है DSC A24
DSC A24 को भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) और नौसेना के मानकों के अनुसार डिजाइन और तैयार किया गया है. यह कैटामरान-हुल डिजाइन पर आधारित पोत है, जिसका वजन 300 से 400 टन के बीच है. इसमें अत्याधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे नौसेना समुद्र के भीतर होने वाले ऑपरेशनल मिशन, मरम्मत कार्य और विशेष डाइविंग अभियानों को बेहतर ढंग से अंजाम दे सकेगी.
नौसेना के मुताबिक यह पोत विशेष रूप से ऐसे अभियानों के लिए तैयार किया गया है, जहां पानी के भीतर लंबे समय तक काम करना पड़ता है. इससे ऑफशोर डाइविंग ऑपरेशन की क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
'मेक इन इंडिया' को मिलेगी मजबूती
भारतीय नौसेना ने कहा कि DSC A24 स्वदेशी रक्षा निर्माण की बढ़ती ताकत का प्रतीक है. इस परियोजना के जरिए देश में ही अत्याधुनिक नौसैनिक प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, जिससे रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम होगी और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
नौसेना अकादमी को मिला नया कमांडेंट
इसी बीच भारतीय नौसेना अकादमी (INA), एझिमाला में भी बड़ा बदलाव हुआ है. वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने 1 अगस्त को अकादमी के 13वें कमांडेंट का पदभार संभाल लिया. उन्होंने वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा का स्थान लिया है.
आलोक आनंद नौसेना अकादमी, गोवा के पूर्व छात्र हैं और नेविगेशन एवं डायरेक्शन विशेषज्ञ माने जाते हैं. तीन दशक से अधिक के अपने करियर में उन्होंने INS घोरपड़ और INS सतपुड़ा जैसे युद्धपोतों की कमान संभाली है. इसके अलावा वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़कवासला, नेवल मुख्यालय और पूर्वी बेड़े (Eastern Fleet) सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. नौसेना को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में अकादमी में प्रशिक्षण और आधुनिक सैन्य शिक्षा को नई दिशा मिलेगी.
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