Jet Pack: चीन-पाकिस्तान की अब खैर नहीं, 50 KM की रफ्तार से उड़कर दुश्मनों के छक्के छुड़ायेंगे भारतीय सैनिक

जेट पैक सूट, जैसा की नाम से पता चलता है कि यह एक प्रकार का सूट है, जिसमें हवाई जहाज की तरह उड़ान भरने की ताकत है. जिसे आदमी पहनता है और सीधे जेट बन जाता और हवा में तैरने लगता है. बेंगलुरु में आयोजित एयर शो में इसे प्रदर्शनी में शामिल किया गया है.

भारतीय सेना के पराक्रम से पूरी दुनिया वाकिफ है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भारतीय सेना को लगातार मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. भारतीय सेना के पराक्रम को अगर करीब से देखना है, तो बेंगलुरु में आयोजित देश के सबसे बड़े एयर शो में आपको आना होगा. इस एयर शो में भारतीय सेना की ताकत का आंदाजा लग जाएगा. इस बार के एयर शो में सबसे आकर्षण का केंद्र होने वाला है, Jet Pack. यह ऐसी तकनीक है, जिसके सहारे आदमी सीधे हवा में उड़ सकता है. आपने इसे वायरल वीडियो में जरूर देखा होगा, लेकिन अब इस तकनीक से भारतीय सेना लैस होने वाली है. तो आइये इसकी खासियत के बारे में जानें.

जेट पैक सूट क्या है और इससे भारतीय सेना को क्या होगा लाभ

जेट पैक सूट, जैसा की नाम से पता चलता है कि यह एक प्रकार का सूट है, जिसमें हवाई जहाज की तरह उड़ान भरने की ताकत है. जिसे आदमी पहनता है और सीधे जेट बन जाता और हवा में तैरने लगता है. बेंगलुरु में आयोजित एयर शो में इसे प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. इस जेट पैक को भारत में ही तैयार किया जा रहा है. बताया जा रहा है भारतीय सेना ने उत्तरी सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए 48 जेटपैक खरीदने का टेंडर जारी कर दिया है.

जेट पैक पहनकर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरा जा सकता है

भारतीय सेना में जिस जेट पैक सूट को शामिल किया जा रहा है, उसे पहनकर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरा जा सकता है. आदमी एक या दो मिनट नहीं, बल्कि 10 मिनट तक धरती से हवा में उठ सकते हैं.

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40 किलोग्राम वजन है जेट पैक का, उठा सकता है 80 किलोग्राम भार

बताया जा रहा है कि जेट पैक सूट जेट जिसका वजन 40 किलोग्राम है, वह अपने साथ 80 किलोग्राम भार लेकर उड़ सकता है. पहाड़ी क्षेत्र हो, बर्फीला क्षेत्र हो या फिर रेगिस्तान, सभी जगह पर इस जेट सूट को आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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