Indian Army New Uniform: भारतीय सेना ने न्यू कॉम्बैट यूनिफॉर्म का कराया पेटेंट, नकल करने पर होगी बड़ी कार्रवाई

Indian Army New Uniform: भारतीय सेना ने तीन परत वाली नयी तरह की वर्दी (न्यू कॉम्बैट यूनिफॉर्म ) को पेटेंट करा लिया है. सेना ने इसके लिए बौद्धिक संपदा अधिकार ( Intellectual Property Rights, IPR) हासिल कर लिया है. अब इसका कोई भी नकल नहीं कर पाएगा. अगर ऐसी गलती कोई करता है, तो उसे जुर्माना और केस का सामना करना पड़ सकता है.

Indian Army New Uniform: रक्षा मंत्रालय ने बताया, “भारतीय सेना ने नये कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट) के डिजाइन को पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक, कोलकाता में सफलतापूर्वक पंजीकृत करा लिया है. इसे सात अक्टूबर 2025 को पेटेंट कार्यालय की आधिकारिक पत्रिका में प्रकाशित किया गया.”

कॉपी करने पर होगी कार्रवाई

रक्षा मंत्रालय ने बताया, “इस पंजीकरण के साथ, डिजाइन और पैटर्न, दोनों के विशिष्ट बौद्धिक संपदा अधिकार पूरी तरह से भारतीय सेना के पास रहेंगे.” मंत्रालय ने कहा कि यह पंजीकरण सेना के एकमात्र स्वामित्व और किसी भी अनधिकृत इकाई द्वारा अनधिकृत निर्माण, पुनरुत्पादन या व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है. इन अधिकारों का किसी तरह का भी उल्लंघन डिजाइन अधिनियम 2000, डिजाइन नियम 2001 और पेटेंट अधिनियम 1970 के प्रावधानों के अनुसार, निषेधाज्ञा और क्षतिपूर्ति के दावों सहित कानूनी परिणामों का प्रावधान करेगा.’’

न्यू कॉम्बैट यूनिफॉर्म की क्या है खासियत?

मंत्रालय की ओर से बताया गया, न्यू कॉम्बैट यूनिफॉर्म सैनिकों के शरीर को विभिन्न जलवायु परिस्थितयों में सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी सैन्य गतिविधियों के भी अनुकूल है. इसे राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), दिल्ली द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है. नयी तरह की वर्दी (डिजिटल प्रिंट) सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और सैनिकों को आरामदेह वर्दी प्रदान करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा.

उन्नत तकनीकी वस्त्रों का उपयोग किया गया

तीन-परत वाली इस वर्दी में उन्नत तकनीकी वस्त्रों का उपयोग किया गया है. इसमें एर्गोनोमिक डिजाइन है, जिसे विभिन्न जलवायु और सामरिक स्थितियों में सहजता, गतिशीलता और संचालन दक्षता में सुधार के लिए तैयार किया गया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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