अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत की पहली प्रतिक्रिया- संघर्ष-विराम का किया स्वागत

US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम पर भारत ने कहा है कि इससे मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित होगी. भारत ने यह भी उम्मीद जताई है कि अब होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सुचारू रूप से होगी. मंत्रालय ने जोर दिया कि तनाव का हल बातचीत और कूटनीति से ही संभव हो सकता है.

US Iran Ceasefire: ईरान अमेरिका सीजफायर का भारत ने स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय ने युद्धविराम पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार (8 अप्रैल) को कहा कि उम्मीद करते हैं कि सीजफायर से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष से आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है, साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं. भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज से अब बिना रुकावट जहाजों की आवाजाही हो सकेगी. अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आखिरी 48 घंटे की डेडलाइन से करीब दो घंटा पहले ही ईरान के साथ सीज फायर की घोषणा की थी. ईरान ने भी इसे माना और होर्मुज खोलने पर राजी हो गया.

MEI ने कहा- लड़ाई से सप्लाई चेन हुई प्रभावित

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत शुरू से ही इस बात पर जोर देता रहा है कि बढ़ते तनाव का समाधान बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से ही निकाला जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि करीब 39 दिनों से जारी इस लड़ाई में सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है. भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आएगी.

फियो ने कहा होर्मुज खुलने से निर्यातकों को राहत

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने से भारतीय निर्यातकों को राहत मिली है. भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि इससे जहाजों की आवाजाही में आ रही दिक्कतें कम होंगी और माल भेजने का रास्ता आसान होगा. फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि युद्धविराम और होर्मुज के खुलने से शिपिंग में रुकावट, बढ़ा हुआ भाड़ा और बीमा खर्च कम होने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह राहत फिलहाल अस्थायी है, इसलिए निर्यातकों को अभी भी सावधानी बरतनी होगी. उनका कहना है कि अगर क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है, तो भरोसा लौटेगा और व्यापार पूरी तरह सामान्य हो पाएगा.

खाड़ी देशों से होता है भारत का व्यापार

युद्धविराम की घोषणा भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि मिडिल ईस्ट देशों का भारत के साथ व्यापारिक रिश्ता है. होर्मुज के रास्ते भारत काफी मात्रा में सामानों का आयात और निर्यात करता है. भारत का खाड़ी देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार साल 2024-25 में 178 अरब डॉलर (करीब 14.78 लाख करोड़ रुपये) था. इसमें 56.87 अरब डॉलर (4,70,000 करोड़ रुपये) का निर्यात (Export) और 121.67 अरब डॉलर (10 लाख करोड़ रुपये) का आयात (Import) शामिल है. भारत खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह सदस्य देशों के साथ व्यापक व्यापार करता है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन शामिल हैं. भारत यहां से तेल और गैस आयात करता है और मशीनरी, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पाद निर्यात करता है.

दो सप्ताह के लिए हुआ है संघर्षविराम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी तय समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो हफ्ते का संघर्षविराम मान लिया है. ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने उनसे अनुरोध किया कि वह ईरान पर होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दें. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इस दो हफ्ते के संघर्षविराम को मान लिया है. ईरान ने कहा है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा. (इनपुट भाषा)

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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