रतन टाटा को धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंची पुलिस, जानें आरोपी ने क्यों किया ये काम…

मुंबई पुलिस ने मीडिया को यह जानकारी दी कि उक्त व्यक्ति ने पुलिस को फोन करके यह कहा था कि रतन टाटा की सुरक्षा बढ़ा दें अन्यथा उनका भी वही हश्र होगा जैसा टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का हुआ था. गौरतलब है कि साइरस मिस्त्री की 4 सितंबर, 2022 को एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी.

रतन टाटा को धमकी देने वाले व्यक्ति तक मुंबई पुलिस पहुंच गई है. उक्त जानकारी मुंबई पुलिस की ओर से दी गई है. पुलिस की ओर से यह बताया गया है कि आरोपी व्यक्ति ने एमबीए की डिग्री ली है. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान उन्हें यह पता चला कि गुमनाम कॉल करने वाला व्यक्ति सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है.

रतन टाटा की सुरक्षा बढ़ाई गई

मुंबई पुलिस ने मीडिया को यह जानकारी दी कि उक्त व्यक्ति ने पुलिस को फोन करके यह कहा था कि रतन टाटा की सुरक्षा बढ़ा दें अन्यथा उनका भी वही हश्र होगा जैसा टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का हुआ था. गौरतलब है कि साइरस मिस्त्री की 4 सितंबर, 2022 को एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी.

टेलीकाॅम कंपनियों की ली गई मदद

कॉल मिलते ही मुंबई पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई थी और एक विशेष टीम गठित कर रतन टाटा की सुरक्षा बढ़ाई गई थी. वहीं पुलिस युद्धस्तर पर उस व्यक्ति की तलाश कर रही थी, जिसने पुलिस को काॅल करके रतन टाटा को लेकर धमकी दी थी. पुलिस ने टेलीकाॅम कंपनियों की मदद से फोन पर धमकी देने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया था.

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पुणे का रहना वाला है धमकी देने वाला व्यक्ति

पुलिस ने मीडिया को बताया कि फोन करने वाले की लोकेशन कर्नाटक में मिली थी. हालांकि वह व्यक्ति पुणे का रहने वाला है. जब पुलिस उसके पुणे स्थित घर पहुंची तो पता चला कि वह चार-पांच दिनों से गायब है और उसकी पत्नी ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है. उसकी पत्नी ने बताया कि एमबीए के साथ ही आरोपी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है. परिजनों ने ही यह बताया कि वह सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है और जिस फोन से उसने कॉल किया था, वह उसका नहीं था. उसने किसी से फोन मांगकर रतन टाटा को लेकर मुंबई पुलिस के नियंत्रण कक्ष में फोन किया और धमकी दी.

आरोपी के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारी ने बताया कि चूंकि फोन करने वाला व्यक्ति सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित है इसलिए उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. सिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है जिसमें व्यक्ति कल्पना की दुनिया में जीता है और उसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता है. उसके सोचने-समझने की शक्ति इस बीमारी में बुरी तरह प्रभावित हो जाताी है.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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