Ebola Advisory : हेल्थ एडवाइजरी में कहा गया है कि जिन यात्रियों में बीमारी के लक्षण हों या संक्रमित लोगों के संपर्क का इतिहास हो उन्हें इमिग्रेशन से पहले ही एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत जानकारी देनी होगी. स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (DGHS) के द्वारा जारी एडवाइजरी में खास तौर पर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों का जिक्र है. इन तीनों देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाई-रिस्क देशों की श्रेणी में रखा है.
दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (APHO) ने इबोला को लेकर एडवाइजरी लगाई है. इसमें यात्रियों को सावधान रहने को कहा गया है. अगर किसी में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश या बिना वजह खून निकलने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी देने की सलाह दी गई है.
कांगो में अब तक 134 संदिग्ध मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कांगो और युगांडा में इबोला फैलने का खतरा देश और क्षेत्र स्तर पर ज्यादा है, लेकिन दुनिया भर में इसका खतरा कम है. WHO टीम के मुताबिक कांगो में अब तक 134 संदिग्ध मौत हो चुकी हैं. रोकथाम के प्रयास तेज किए जा रहे हैं, लेकिन हालात को पूरी तरह काबू में आने में कम से कम दो महीने और लग सकते हैं.
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला वायरस का देर से पता चलना, प्रभावित इलाकों से लोगों का बड़े पैमाने पर पलायन और पहले से चल रहा मानवीय संकट राहत कार्यों को और मुश्किल बना रहा है. इन वजहों से संक्रमण को रोकना चुनौतीपूर्ण हो गया है. इबोला उर्फ ‘बुंडीबुग्यो’ वायरस के लिए अभी तक कोई स्वीकृत दवा या टीका उपलब्ध नहीं है.
